कसाब को फाँसी दी जानी चाहिए: रहमान मलिक

 गुरुवार, 10 नवंबर, 2011 को 12:47 IST तक के समाचार
रहमान मलिक

रहमान मलिक ने कहा है कि पाकिस्तान की न्यायिक आयोग 26/11 मुंबई हमले के दोषियों को सज़ा दिलाने में मदद कर सकती है.

पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने कहा है कि साल 2008 में मुंबई पर हुए हमले के प्रमुख अभियुक्त अजमल कसाब को फाँसी दी जानी चाहिए.

मालदीव में गुरुवार से शुरू हो रहे सार्क देशों के सम्मेलन से पहले बयान में रहमान मलिक ने कहा कि अजमल कसाब 'आतंकवादी' है और उसने सरकारी मदद के बग़ैर अपनी मर्ज़ी से यह काम किया था. उन्होने कसाब को 'नॉन स्टेट एक्टर' बताया.

रहमान मलिक ने कहा है कि पाकिस्तान का न्यायिक आयोग 26/11 मुंबई हमले के दोषियों को सज़ा दिलाने में मदद कर सकता है.

पाकिस्तान का यह न्यायिक आयोग मुंबई पर साल 2008 में हुए हमलों की जाँच कर रहा है. आयोग अपनी रिपोर्ट लेकर जल्द भारत आने वाला है.

कसाब को फाँसी देने की माँग करते हुए रहमान मलिक ने कहा कि समझौता एक्सप्रेस में ब्लास्ट के दोषियों को भी सज़ा मिलनी चाहिए.

सज़ा

साल 2008 में मुंबई हमले में एक मात्र ज़िंदा पकड़े गए चरमपंथी अजमल कसाब को आतंकवाद से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाली एक विशेष अदालत ने छह मई 2010 को मौत की सज़ा सुनाई थी.

हालाँकि सुप्रीम कोर्ट ने कसाब की ओर से दाख़िल एक अपील के बाद उसकी मौत की सज़ा पर रोक लगा दी थी.

कसाब की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को जवाब देने के लिए कहा था.

सुप्रीम कोर्ट में 31 जनवरी 2012 से अजमल कसाब के मामले की लगातार सुनवाई होनी है.

सार्क से पहले बैठक

मालदीव में गुरुवार से शुरू हो रहे सार्क देशों के सम्मेलन से ठीक पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने बैठक की.

बैठक के बाद मनमोहन सिंह ने कहा कि अब तक की बातचीत में हुई प्रगति से वो संतुष्ट हैं, अगले दौर की बातचीत और भी सार्थक होगी.

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने भी कहा कि भारत-पाक वार्ता की दिशा सकारात्मक है.

दोनों देशों के विदेश मंत्री पहले ही कह चुके हैं कि आपसी अविश्वास में अब कमी आ रही है.

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