'पाक एमएफ़एन से पीछे नहीं हट रहा'

 शुक्रवार, 4 नवंबर, 2011 को 19:58 IST तक के समाचार
तेहमीना जंजुआ

पाकिस्तान ने कहा है कि अब वाणिज्य मंत्रालय इसकी औपचारिकताएँ पूरी करेगा

पाकिस्तान ने कहा है कि वह भारत को व्यापार के लिए सर्वाधिक वरीयता वाले देश का दर्जा (एमएफ़एन) देने से पीछे नहीं हट रहा है और मंत्रिमंडल पहले ही इसकी मंजूरी दे चुका है.

पाकिस्तान का यह बयान विदेश मंत्रालय में एक अहम बैठक के बाद आया है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने अपनी ख़बर में एक भारतीय अधिकारी के हवाले से कहा था कि पाकिस्तान व्यापार के लिए भारत को सर्वाधिक वरीयता वाले देश का दर्जा देने से पीछे हट रहा है, जिस पर पाकिस्तानी विदेशी मंत्रालय की प्रवक्ता तेहमीना जंजुआ ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.

उन्होंने अपने बयान में कहा कि मंत्रिमंडल ने स्पष्ट रुप से भारत को व्यापार के लिए सर्वाधिक वरीयता वाले देश यानी एमएफ़एन का दर्जा देने की औपचारिक रुप से मंजूरी दी है और पाकिस्तान कभी भी इससे पीछे नहीं हटेगा.

'व्यापारिक रिश्ते ज़रुरी'

उन्होंने कहा कि वणिज्य मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान जारी किया था, जिसमें स्पष्ट शब्दों में कहा गया था कि मंत्रालय ने भारत को एमएफ़एन का दर्जा देने के लिए मंत्रिमंडल को जो विवरण भेजा था, मंत्रिमंडल ने उसको मंज़ूर कर लिया है.

तेहमीना जंजुआ के मुताबिक़ वणिज्य मंत्रालय पाकिस्तान और भारत के बीच व्यापारिक संबंधों को मज़बूत करने के लिए कोशिशें कर रहा है और मंत्रिमंडल ने उन कोशिशों को स्वीकृति दे दी है.

उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल की मंज़ूरी के बाद अब इस पर अमल करवाने के लिए वणिज्य मंत्रालय को अधिकार दिया गया है और दोनों देशों के वणिज्य सचिवों की बातचीत में इसको आगे बढ़ाया जाएगा.

इससे पहले केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री फ़िरदौस आसिफ़ आवाण ने दो दिनों पहले पत्रकारों को बताया था कि मंत्रिमंडल की बैठक में भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के लिए अहम फ़ैसले लिए गए और भारत को औपचारिक रुप से व्यापार के लिए सर्वाधिक वरीयता वाले देश का दर्जा देने दी मंज़ूरी दी गई.

उनका कहना था कि पाकिस्तान ने सौ से ज़्यादा देशों को सर्वाधिक वरीयता वाले देश का दर्जा दिया है और अब भारत भी उस सूची में शामिल हो गया है, जिससे क्षेत्र में व्यापार को और बढ़ावा मिलेगा.

ग़ौरतलब है कि कुछ दिन पहले विदेश मंत्री हिना रब्बानी खर ने संसद को बताया था कि पाकिस्तान ने भारत को सर्वाधिक वरीयता वाले देश दर्जा देने का फ़ैसला किया है.

पिछले महीने दिल्ली में भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापारिक वार्ता हुई थी जिसमें दोनों पक्षों ने व्यापार को और बढ़ाने पर सहमति जताई थी.

भारत काफ़ी समय से यह मांग करता रहा था कि पाकिस्तान उसे व्यापार के लिए विशेष यानी एफ़एनएम का दर्जा दे.

इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

इसी विषय पर और पढ़ें

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.