'बलोचिस्तान में मानवाधिकारों का हनन'

बलोच अलगाववादी

पाकिस्तान पर बलोचिस्तान में मानवाधिकारों के हनन का आरोप.

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन, ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने अस्थिर पश्चिमी प्रांत बलोचिस्तान में सैकड़ों संदिग्ध राजनीतिक कार्यकर्ताओं को ग़ैरक़ानूनी रूप से हिरासत में रखा है.

संगठन का कहना है कि हिरासत में लिए गए लोगों कई कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया गया है और कुछ की जान भी ली गई है.

पाकिस्तान के इस हिस्से में सरकार बलोच लोगों के एक अलगाववादी आंदोलन को दबाने की कोशिश में जुटी है.

इससे पहले सुरक्षा अधिकारी इन आरोपों को अलगाववादियों का प्रोपेगेंडा कहते रहे हैं.

‘वी कैन टॉर्चर, किल और कीप यू फ़ॉर ईयर्स’ शीर्षक वाली 132 पन्नों की इस रिपोर्ट में बलोचिस्तान में मानवाधिकार के हनन की विस्तृत जानकारी दी गई है.

रिपोर्ट में साल 2009 से 2010 के बीच ‘बलपूर्वक ग़ायब’ किए जाने के 45 मामलों का ज़िक्र है.

रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2008 में पाकिस्तान में लोकतांत्रिक सरकार के अस्तित्व में आने के बाद भी कई लोग ग़ायब हो रहे हैं.

'ह्यूमन राइट्स वॉच' ने इस रिपोर्ट को सौ लोगों के साथ विस्तृत साक्षात्कार के बाद तैयार किया है.

रिपोर्ट के मुताबिक मानवाधिकार संगठन ने ग़ायब हुए लोगों के परिजनों, पूर्व क़ैदियों, स्थानीय मानवाधिकार संगठनों के कार्यकर्ताओं और सरकारी अपहरणों के चश्मदीदों से बातचीत की है.

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