'शराब पर प्रतिबंध ख़त्म किया जाए'

शराब

पाकिस्तान में शराब ख़रीदने और बेचने पर प्रतिबंध है.

विपक्षी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज़ के सांसद अयाज़ अमीर ने पूर्व सैन्य शासक ज़िया-उल-हक़ के कार्यकाल में शराब पर लगे प्रतिबंध को ख़त्म करने की मांग की है.

अयाज़ अमीर ने संसद में ये मांग एक पाकिस्तानी अभिनेत्री के पास से कथित तौर पर शराब मिलने पर सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद उठाई है.

अभिनेत्री के पास शराब मिलने के बाद पाकिस्तान के मुख्य न्यायधीश जस्टिस इफ़्तिख़ार चौधरी ने उन्हें एक नोटिस जारी किया था.

स्थानीय मीडिया में ऐसी ख़बरें प्रकाशित हुई हैं कि विदेश से इस्लामाबाद आते हुए अभिनेत्री अतीक़ा ओढो से शराब की बोतलें मिली थी जिस पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश जस्टिस इफ़्तिख़ार चौधरी ने कस्टम और पुलिस से ये जवाब तलब किया है कि उनके ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज क्यों नहीं किया गया.

अयाज़ अमीर ने मुख्य न्यायधीश जस्टिस इफ़्तिख़ार चौधरी के इस क़दम की कड़ी आलोचना की और कहा, “ये कौन-सा जुनून सर पर उठा रखा है.”

ग़ौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री ज़ुल्फ़िक़ार भुट्टो ने धार्मिक दलों की इच्छा पर शराब ख़रीदने, बेचने और पीने पर पाबंदी लगाने का फ़ैसला लिया था और सैन्य शासक जनरल ज़िया-उल-हक़ ने उस पर अमल करवाया.

अब भी वक़्त नहीं गया और संसद को मिल कर ज़िया-उल-हक़ के दौर के नियमों की समीक्षा करनी चाहिए. हमें अतीत के इस प्रकार के क़ानून को ख़त्म करना चाहिए.

अयाज़ अमीर, सांसद, पीएमएल नवाज़

इसके इलावा ज़िया-उल-हक़ ने अपनी सरकार को इस्लामी नियमों की मुताबिक चलाने के लिए रमज़ान के महीने में सार्वजनिक स्थानों पर खाने-पीने पर प्रतिबंध, सरकारी दफ़्तरों में नमाज़ पढ़ने, सरकारी टीवी पर महिलाओं को दुपट्टा पहनने, इस्लामी अदालतों के गठन जैसे नियम लागू किए थे.

'पाबंदी ख़त्म होनी चाहिए'

अयाज़ अमीर ने किसी ख़ास क़ानून का नाम लिए बिना अभिनेत्री से शराब मिलने की ख़बर पर कहा, “अब भी वक़्त नहीं गया और संसद को मिलकर ज़िया-उल-हक़ के दौर के नियमों की समीक्षा करनी चाहिए. हमें अतीत के इस प्रकार के क़ानून को ख़त्म करना चाहिए.”

पहली बार किसी सांसद ने खुल कर शराब पर बात की है और वो भी मुस्लिम लीग नवाज़ के सांसद ने.

मुस्लिम लीग नवाज़ के बारे में कहा जाता है कि जनरल ज़िया-उल-हक़ ने इस दल का गठन किया था और जिनके बारे में पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ कहते हैं कि मुस्लिम लीग नवाज़ के नेता बिना दाढ़ी के मौलवी हैं.

कस्टम अधिकारियों के मुताबिक़ किसी व्यक्ति से तीन लाख रुपए से कम की शराब बारमद होने पर वह मुक़दमा दर्ज नहीं करते बल्कि शराब ज़ब्त कर लोगों को छोड़ देते हैं.

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