
पिछले साल दाता दरबार में आत्मघाती हमला हुआ था जिस में कई लोग मारे गए थे.
पाकिस्तान के लाहौर और कराची शहरों में शिया समुदाय के जुलूसों के पास धमाके हुए जिसमें 13 लोग मारे गए और 54 से अधिक घायल हो गए है.
सबसे पहले धमाका शिया समुदाय के जुलूस और दाता दरबार के उर्स के लिए लाहौर के उर्दू बाज़ार इलाक़े में लगाई गई एक सुरक्षा चौकी पर किया गया. इसमें 10 लोगों की मौत हो गई.
उस से थोड़ी देर बाद कराची के मलीर इलाक़े में धमाका हुआ. जिन्ना अस्पताल की डॉक्टर सीमी जमाली ने बताया कि इस धमाके में तीन लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए.
पंजाब के क़ानून मंत्री राणा सनाऊल्लाह ने पत्रकारों को बताया कि आत्मघाती हमलावर की उम्र 15 से 16 साल थी और जब उसे सुरक्षा चौकी पर रोका गया तो उसने अपने आप को बम से उड़ा दिया.
उन्होंने कहा कि हमलावर शिया समुदाय के जुलूस को निशाना बनाना चाहता था और वह सुरक्षा चौकी से जुलूस में दाख़िल नहीं हो सका.
क़ानून मंत्री के अनुसार पुलिसकर्मियों ने अपनी जान दे कर एक बड़ी तबाही से बचा लिया है.
धमाके के बाद राहत कार्य शुरु किया गया और पुलिस ने इलाक़े को घेर लिया. घायलों को शहर के मेयो अस्पलात में भर्ती किया गया है जहाँ इमरजेंसी लागू कर दी गई है.
ग़ौरतलब है कि पिछले साल जुलाई में दाता दरबार में दो आत्मघाती बम धमाकों में कम से कम 37 लोग मारे गए थे और 175 से अधिक लोग घायल हुए थे. ये हमले उस वक़्त हुए थे जब बड़ी संख्या में ज़ायरीन दाता दरबार में मौजूद थे.
पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि एक हमलावर ने दाता दरबार के अहाते में और दूसरे ने तहख़ाने में विस्फोट किया.
लाहौर शहर साल भर से कई हमलों का शिकार हुआ. मई में अहमदी समुदाय पर हुए ऐसे ही एक हमले में 90 से अधिक लोग मारे गए थे.














