वेन जियाबाओ पहुँचे पाकिस्तान

वेन जियाबाओ

चीनी प्रधानमंत्री अपनी भारतीय यात्रा के बाद पाकिस्तान पहुँचे हैं.

चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ भारत के बाद पाकिस्तान की तीन दिवसीय यात्रा पर इस्लामाबाद पहुँच गए हैं.

सेनाध्यक्ष जनरल अशफ़ाक़ परवेज़ कियानी, प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी और उन के मंत्रिमंडल ने चीनी प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ का भव्य स्वागत किया. वहां सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे.

वेन जियाबाओ के साथ एक बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान आया है.

पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार वेन जियाबाओ प्रधानमंत्री गिलानी से मुलाक़ात करेंगे और दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मज़बूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण फ़ैसले लिए जाएँगे.

पिछले साल की तुलना में इस साल चीन के साथ व्यापार में 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और दोनों देशों के बीच व्यापार करीब 625 करोड़ डॉलर पर पहुँच चुका है. आशा है कि इस यात्रा के दौरान सुरक्षा, व्यापार और कृषि सहित कई विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने केलिए समझोते होंगे.

मसूद ख़ान, पाकिस्तानी राजदूत

वेन पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी और अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी मिलेंगे.

अधिकारियों ने बताया कि दोनों देशों के प्रधानमंत्री अर्थव्यवस्था ऊर्जा और दूरसंचार के क्षेत्रों में 20 समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे.

वेन जियाबाओ रविवार को पाकिस्तान की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे. इस से पहले किसी चीनी प्रधानमंत्री ने पाकिस्तानी संसद को संबोधित नहीं किया है.

आर्थिक संबंधों पर ज़ोर

ग़ौरतलब है कि चीन की विभिन्न कंपनियां पहले ही पाकिस्तान में करीब 120 परियोजनाओं पर काम कर रही हैं जिसमें अधिकतर ऊर्जा संबधित हैं. दक्षिण एशिया में पाकिस्तान चीन का दूसरा बड़ा व्यापारिक साझेदार है.

वेन जियाबाओ

चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ इस से पहले भारत में थे.

चीन स्थित पाकिस्तान के राजदूत मसूद ख़ान के अनुसार पिछले साल की तुलना में इस साल चीन के साथ व्यापार में 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और दोनों देशों के बीच व्यापार करीब 625 करोड़ डॉलर पर पहुँच चुका है.

उन्होंने बताया कि चीनी प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान सुरक्षा, व्यापार और कृषि सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौते होने की उम्मीद है.

मसूद ख़ान के अनुसार पाकिस्तान और चीन के बीच मुक्त व्यापार का समझौता पहले ही हो चुका है लेकिन अब दोनों देश ‘टैक्स फ्री ट्रेड एग्रीमेंट’ पर बातचीत कर रहे हैं.

जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान की सबसे बड़ी कोशिश यह होगी कि बाढ़ ग्रस्त इलाक़ों के पुनर्निर्माण के लिए चीन की ओर से वित्तीय सहायता मिल सके.

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