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बीबीसी: दक्षिण एशियाई सेवाओं की हड़ताल
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बीबीसी वर्ल्ड सर्विस की हिंदी, उर्दू और नेपाली सेवाओं के पत्रकार 24 घंटे की हड़ताल पर हैं. वे मुख्य संपादकीय कामकाज के स्थानांतरण
का विरोध कर रहे हैं.
बीबीसी प्रबंधन इन सेवाओं का मुख्य कामकाज दिल्ली, इस्लामाबाद और काठमांडू में स्थानांतरित करने की योजना बना रहा है. इसका विरोध कर रहे पत्रकारों का कहना है कि हिंदी सेवा के अधिकतर कार्यक्रम लंदन से भारत स्थानांतरित करने और उर्दू और नेपाली सेवा के 'आउटपुट' का आधा हिस्सा संबंधित क्षेत्रों में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव ठीक नहीं है.
नेशनल यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट के संयोजक पॉल मैक्लॉलिन का कहना था, "हम बीबीसी के साथ बातचीत का रास्ता अपनाना चाहते हैं. लेकिन उन्होंने कोई समाधान नहीं सुझाया है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वे एक ऐसी योजना लागू करना चाहते हैं जो हमारे सदस्यों को अस्वीकार्य है". पत्रकार यूनियन का तर्क है कि इस फ़ैसले से स्थितियाँ और ख़राब होंगी और वेतन पर असर पड़ेगा. प्रबंधन का बयान दूसरी ओर प्रबंधन का कहना है कि इससे वर्ल्ड सर्विस को अपने श्रोताओं और पाठकों के नज़दीक होने का फ़ायदा मिलेगा.
बीबीसी ग्लोबल न्यूज़ के निदेशक रिचर्ड सैमब्रुक ने कहा, "लंदन और बाहर के प्रोडक्शन में संतुलन की समीक्षा करते समय हम उन्हीं नीतियों को जारी रख रहे हैं जो कई साल पहले से अमल में हैं. हमारी 31 भाषाई सेवाओं के 25 प्रतिशत कर्मचारी पहले से ही आधुनिक सुविधाओं का लाभ उठा कर उन क्षेत्रों से काम कर रहे हैं जहाँ के लिए उनका प्रसारण होता है". हड़ताल के कारण रेडियो प्रसारण और ऑनलाइन सेवा का संचालन पूरी तरह दिल्ली और इस्लामाबाद ब्यूरो से किया जा रहा है. |
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