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सोमवार, 01 दिसंबर, 2008 को 17:29 GMT तक के समाचार

भारत ने पाक से विरोध दर्ज किया

भारत ने मुंबई धमाकों के सिलसिले में पाकिस्तान से आधिकारिक रूप से विरोध दर्ज किया है.

भारत के विदेश मंत्रालय ने दिल्ली में पाकिस्तान के उच्चायुक्त शाहिद मलिक को बुलाकर शिकायत की कि पाकिस्तान अपने देश में चरमपंथी गुटों को नियंत्रित नहीं कर पा रहा है.

भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार पाकिस्तानी उच्चायुक्त से कहा गया है कि मुंबई धमाकों में पाकिस्तानी तत्वों का हाथ है.

साथ ही उनसे कहा गया कि भारत सरकार चाहती है कि इन घटनाओं के लिए ज़िम्मेदार तत्वों के साथ पाकिस्तान सख्ती से निपटे.

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान उच्चायुक्त को बता दिया गया कि उनके नेताओं ने भारत के साथ संबंधों की नई शुरुआत की जो बात कही है, उसके अनुरूप ये क़दम होने चाहिए.

दूसरी ओर पाकिस्तान का कहना था कि ये बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई.

इसके पहले भारत के विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा था कि मुंबई चरमपंथी हमलों में पाकिस्तानी तत्वों का हाथ है.

उन्होंने पाकिस्तान से कहा था कि वह चरमपंथ के ढाँचे को नष्ट करने के अपने वादे को पूरा करे.

भारतीय विदेश मंत्री का कहना था कि पाकिस्तान ने दो बार वादा किया था कि उसकी ज़मीन का इस्तेमाल चरमपंथी गतिविधियों में नहीं किया जाएगा.

'पाक सहयोग करे'

इधर अमरीकी विदेश मंत्री विदेशमंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने पाकिस्तान से कहा है कि वह जाँच में पूरा सहयोग करे.

लेकिन बुश प्रशासन का कहना है कि पाकिस्तीनी प्रशासन इसमें शामिल नज़र नहीं आता है.

ग़ौरतलब है कि मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों से उपजी परिस्थितियों का जायज़ा लेने के लिए अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने विदेशमंत्री कोंडोलीज़ा राइस को दिल्ली भेजने का फ़ैसला किया है.

डॉ राइस बुधवार को दिल्ली आयेंगी और भारत सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाक़ात कर अमरीकी मदद का भरोसा दिलाएँगीं.

अमरीकी विदेशमंत्री का भारत दौरा राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के इस आश्वासन के बाद हो रहा है कि अमरीका पूरी तरह से भारत के साथ है और वह इन हमलों की जाँच में हर संभव मदद देगा.

मुंबई पुलिस का कहना है कि मुंबई हमलों में अब तक 188 लोग मारे गए हैं.

उल्लेखनीय है कि भारत की संसद पर 2001 में हुए हमले ने भारत और पाकिस्तान को युद्ध के कगार पर ला दिया था.