मंगलवार, 25 नवंबर, 2008 को 07:23 GMT तक के समाचार
अमरीका के राष्ट्रपति चुने गए बराक ओबामा के अर्थव्यवस्था को मंदी से बाहर निकालने के वादे के बाद सोमवार को अमरीकी और मंगलवार को एशियाई बाज़ार संभले है.
ओबामा ने वादा किया है कि वे राष्ट्रीय मूलभूत ढ़ांचे में निवेश कर 25 लाख अमरीकी नौकरियों को बचाना और पैदा करना चाहते हैं. उन्होंने कहा है कि मंदी के दौर से गुज़र रही अर्थव्यवस्था को अरबों डॉलर के पैकेज का झटका दिया जाएगा.
मंगलवार के एशिया में यूरोप-अमरीका के शेयर बाज़ारों के सोमवार के सुधार की झलक दिखाई दी. जापान का निक्केई सूचकांक पाँच प्रतिशत उछाल के साथ बंद हुआ और यही रुझान कई अन्य शेयर बाज़ारों में भी नज़र आया.
हॉंगकॉंग में सुबह के कारोबार में सूचकांक तीन प्रतिशत ऊपर दिखा जबकि दक्षिण कोरिया का सूचकांक पहले घंटे में ही पाँच प्रतिशत से ज़्यादा चढ़ा. सिंगापुर और फ़िलिपींस के शेयर बाज़ार भी कुछ संभले.
शंघाई से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सिटीग्रुप के लिए अमरीकी सरकार ने जो पैकेज की घोषणा की है, उससे अनेक जगहों पर लोगों ने चैन की सांस ली है.
पर्यवेक्षकों का कहना है कि सोमवार को ब्रितानी सरकार की 30 अरब डॉलर के आर्थिक पैकेज की घोषणा से भी बाज़ार में रुख़ बदला है चाहे यूरोपीय अर्थव्यवस्थाओं के बारे में अभी भी चिंता बरकरार है.
भारतीय शेयर बाज़ार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) सूचकांक में मंगलवार सुबह लगभग 279 अंकों का उछाल आया और वह 9182 अंकों तक जा पहुँचा लेकिन उसके बाद उसमें फिर गिरावट आई, आख़िरकार बाज़ार नौ हज़ार के स्तर पर नहीं रुक सका.
मंगलवार को जब कारोबार बंद हुआ तो बीएसई का सेंसेक्स 8695 पर बंद हुआ.