बुधवार, 19 नवंबर, 2008 को 08:04 GMT तक के समाचार
भारतीय नौसेना के युद्धपोत 'आईएनएस तबर' में सवार नौसैनिकों ने सोमालिया के समुद्री लुटेरों के जहाज़ को अदन की खाड़ी में डुबो दिया है.
सरकारी बयान के मुताबिक़ समुद्री लुटेरों ने भारतीय नौसेना के जहाज़ पर हमला किया था और जवाबी कार्रवाई करते हुए भारतीय नौसैनिकों ने लुटेरों के जहाज़ को डुबो दिया.
भारतीय नौसेना के अनुसार आईएनएस तबर मंगलवार को जब ओमान के सलालह से 285 नॉटिकल मील दूर गश्त लगा रहा था तो उन्होंने समुद्री लुटेरों के एक जहाज़ को जाँच-पड़ताल के लिए रोका.
जवाबी कार्रवाई
इसके बाद समुद्री लुटेरों ने कहा कि अगर वे उनके नज़दीक आए तो वे उन्हें उड़ा देंगे. ये समुद्री लुटेरे अपने हाथ में बंदूक और रॉकेट लाँचर लिए हुए थे.
सुमुद्री लुटेरे आईएनएस तबर को लगातार धमकियाँ दे रहे थे और उस पर गोलियाँ चला रहे थे.
भारतीय नौसैनिकों की जवाबी कार्रवाई में लुटेरों का जहाज़ टूट गया. इसके बाद धमाके की आवाज़ भी सुनी गई. माना जा रहा है कि धमाके जहाज़ पर रखे विस्फोटक से हुए.
सोमालिया के समुद्र तट पर इन दिनों जहाज़ों के अपहरण की घटनाएँ काफ़ी बढ़ गई हैं.
समुद्री लुटेरों ने शनिवार को सऊदी अरब के सीरियस स्टार नाम के एक बड़े तेल टैंकर को कीनियाई बंदरगाह मोम्बासा से 450 नॉटिकल मील दूर अगवा कर लिया था.
सऊदी अरब के इस जहाज़ पर चालक दल के 25 सदस्य हैं और उस पर बीस लाख बैरल तेल लदा हुआ है.
भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएएनएस तबर इस महीने की शुरुआत से ही अदन की खाड़ी में गश्त लगा रहा है.
आईएनएस तबर ने इससे पहले 11 नवंबर को भी सोमालियाई समुद्री लुटेरों की मालवाहक जहाज़ एमवी जग अर्णव को अगवा करने की कोशिश को नाकाम कर दिया था.
नौसेना के इस विमान से मरीन कमांडो के दस्ते ने हेलीकॉप्टर के ज़रिए लुटेरों को भागने पर मजबूर कर दिया था.
असुरक्षित रास्ता
गृहयुद्ध की आग में झुलस रहे सोमालिया में 1991 से कोई सरकार नहीं है.
इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए कई देशों के नौसैनिक युद्धपोत अदन की खाड़ी में गश्त लगाते रहते हैं.
यह दुनिया के बहुत व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक है. यह लाल सागर को हिंद महासागर से जोड़ता है.
एक रिपोर्ट के मुताबिक़ इस साल अब तक सोमालिया के समुद्री लुटेरे जहाज़ों को अगवा कर क़रीब तीन करोड़ डालर की फ़िरौती वसूल चुके हैं.