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समुद्री लुटेरों से निपटने की अनुमति
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संयुक्त राष्ट्र ने भारतीय नौसेना को सोमालियाई जलदस्युओं को खदेड़कर मारने की अनुमति दे दी है. इसके बाद भारतीय नौसेना अदन की
खाड़ी में एक और युद्धपोत भेज रही है.
भारत का एक युद्धपोत पहले से अदन की खाड़ी में मौजूद है जिसकी मदद से समुद्री जलदस्युओं से निपटने का काम किया जा रहा है. नौसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया है कि जहाज़ों का अपहरण करके फिरौती वसूलने वाले समुद्री लुटेरों का "पीछा करके उन्हें पकड़ने या मारने" की इजाज़त मिल गई है. मंगलवार को भारतीय नौसेना के युद्धपोत- आईएनएस तबर ने अदन की खाड़ी में समुद्री लुटेरों के एक जहाज़ को मारकर डुबो दिया था. समुद्री लुटेरों की गतिविधियाँ सोमालियाई तट पर बहुत बढ़ गई हैं और उन्होंने पिछले कुछ दिनों में कई जहाज़ों को अगवा कर लिया है जिसमें 10 करोड़ डॉलर कीमत के तेल से लदा सऊदी अरब का जहाज़ 'सिरियस स्टार' भी शामिल है. नौसेना एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया, "संयुक्त राष्ट्र की अनुमति के तहत अब भारतीय जहाज़ सोमालियाई जलक्षेत्र में प्रवेश कर सकेंगे, हम कुछ ख़ास परिस्थितियों में सोमालियाई सीमा में प्रवेश कर सकेंगे लेकिन यह सिर्फ़ जलदस्युओं से निबटने के लिए होगा." जलदस्युओं से निबटने के लिए भारत ने अन्य देशों की नौसेना से भी अपील की है कि सारे देश मिलकर काम करें. बताया गया है कि भारतीय नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के साथ मिलकर काम करेगी. नौसेना के अधिकारियों ने इन अटकलों की पुष्टि करने से इनकार कर दिया है कि युद्धपोत आईएनएस-मैसूर को अदन की खाड़ी भेजा जाएगा. भारतीय नौसेना का एक युद्धपोत आईएनएस तबर अदन की खाड़ी में पहले से मौजूद है. आईएनएस तबर को पिछले महीने अदन की खाड़ी में भेजा गया था. भारतीय नागरिक इस बीच, भारतीय जहाजरानी विभाग के महानिदेशक ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि मंगलवार को अगवा किए गए ईरानी जहाज़ एमवी डिलाइट के कर्मचारियों में सात भारतीय नागरिक हैं, यह मालवाहक जहाज़ हांगकांग में रजिस्टर्ड है.
डिलाइट पर गेहूँ लदा है और वह ईरान जा रहा था, जहाज़ के चालक दल के 25 सदस्यों में दो पाकिस्तानी नागरिक भी हैं. इससे भी पहले भी जलदस्युओं ने एक जापानी जहाज़ को अगवा कर लिया था जिसके चालक दल में कैप्टन सहित 18 भारतीय नागरिक शामिल थे, दो महीने तक जहाज़ को बंधक रखने के बाद जलदस्युओं ने उसे पिछले सप्ताह छोड़ा. अदन की खाड़ी लाल सागर और हिंद महासागर को जोड़ती है और यह दुनिया के व्यस्त जलमार्गों में से एक है. इस वर्ष अब तक 80 जहाज़ों पर जलदस्युओं ने आक्रमण किया है. सोमालिया एक दशक से अधिक समय से गृहयुद्ध की चपेट में है और वहाँ के मौजूदा प्रशासन के पास इतनी सुविधाएँ और शक्ति नहीं है कि वह समुद्री लुटेरों को रोक सके. |
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