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लुटेरों के आतंक से जहाज़ों ने रास्ता बदला
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दुनिया की सबसे बड़ी शिपिंग कपंनियों में से एक ने समुद्री लुटेरों के बढ़ते ख़तरे को देखते हुए अपने जहाज़ों का रास्ता बदलने
की घोषणा की है.
एपी मोलेर माऐर्स का कहना है कि उसके जहाज़ स्वेज़ कैनाल और लाल सागर होकर नहीं जाएंगे. ऐसी ख़बरें हैं कि अन्य कंपनियाँ भी इस पर विचार कर रही हैं. दूसरी ओर सूत्रों ने बताया है कि सऊदी टैंकर को सोमालियाई समुद्री लुटेरों से छुड़ाने के लिए बातचीत चल रही है. ख़बरों के अनुसार फिरौती की रकम 2.5 करोड़ डॉलर से भी अधिक हो सकती है. इधर अरब देशों की काहिरा में आपात बैठक हो रही है जिसमें समुद्री लुटेरों से उत्पन्न समस्या पर विचार किया जाएगा. असुरक्षित रास्ता उल्लेखनीय है कि सोमालिया के समुद्र तट पर इन दिनों जहाज़ों के अपहरण की घटनाएँ काफ़ी बढ़ गई हैं. समुद्री लुटेरों ने शनिवार को सऊदी अरब के सीरियस स्टार नाम के एक बड़े तेल टैंकर को कीनियाई बंदरगाह मोम्बासा के पास से अगवा कर लिया था. सऊदी अरब के इस जहाज़ पर चालक दल के 25 सदस्य हैं और उस पर 20 लाख बैरल तेल लदा हुआ है. गृहयुद्ध की आग में झुलस रहे सोमालिया में 1991 से कोई सरकार नहीं है. इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए कई देशों के नौसैनिक युद्धपोत अदन की खाड़ी में गश्त लगाते रहते हैं. ये दुनिया के बहुत व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक है और ये लाल सागर को हिंद महासागर से जोड़ता है. एक रिपोर्ट के मुताबिक़ इस साल अब तक सोमालिया के समुद्री लुटेरे जहाज़ों को अगवा कर क़रीब तीन करोड़ डॉलर की फ़िरौती वसूल चुके हैं. |
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