गुरुवार, 04 सितंबर, 2008 को 03:35 GMT तक के समाचार
संयुक्त राष्ट्र में अमरीका के राजदूत ज़लमय खलीलजाद ने पाकिस्तानी नेता आसिफ़ अली ज़रदारी के साथ कथित ग़ैर आधिकारिक संबंधों पर सफाई दी है.
ऐसी ख़बरें हैं कि ज़लमय खलीलज़ाद और पाकिस्तान में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार ज़रदारी के बीच लगातार बातचीत ने अमरीकी विदेश विभाग में हलचल पैदा कर दी है.
लेकिन खलीलज़ाद का कहना है कि ज़रदारी के साथ उनकी बातचीत सामाजिक विषयों तक सीमित है और कभी नीतिगत मुद्दों पर बात हुई भी है तो उन्होंने इसकी जानकारी अधिकारियों को दी है.
आधिकारिक तौर पर अमरीका पाकिस्तान की राजनीति में तटस्थ भूमिका निभा रहा है.
अमरीकी विदेश विभाग के एक अधिकारी का ई-मेल लीक हुआ है जिसमें खलीलज़ाद से पूछा गया है कि वो ज़रदारी को किस तरह की सलाह और मदद दे रहे हैं.
ज़लमय खलीलजाद अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ में अमरीका के राजदूत रह चुके हैं. उनका कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो को बहुत पहले से जानते थे और इस दौरान भुट्टो के पति ज़रदारी से भी वो संपर्क में आए.
बेनज़ीर भुट्टो की पिछले वर्ष 27 दिसंबर को रावलपिंडी में एक जनसभा के बाद हत्या कर दी गई थी.
अफ़ग़ानिस्तान में जन्मे खलीलज़ाद का कहना है कि मध्य-पूर्व में उनके पुराने संपर्क हैं और सिर्फ़ कूटनयिक होने के कारण वो इन्हें ख़त्म नहीं कर सकते.
उनका कहना है, "इस तरह के संपर्क और रिश्ते अमरीका के लिए लाभकारी रहे हैं लेकिन साथ ही मैं ये तय करने में काफी अनुभवी हूँ कि
आधिकारिक और सामाजिक रिश्तों के बीच क्या फ़र्क होता है."