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इसराइल ने हमास समझौता मंज़ूर किया
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इसराइली अधिकारियों ने कहा है कि ग़ज़ा में फ़लस्तीनी इस्लामी आंदोलन हमास के साथ महीनों से चली आ रही हिंसक लड़ाई को रोकने के
लिए युद्धविराम समझौते को सरकार ने मंज़ूरी दे दी है.
इसराइली और फ़लस्तीनी संगठन हमास के अधिकारियों ने मंगलवार को बीबीसी को बताया था कि दोनों पक्ष युद्धविराम के लिए सहमत हो गए हैं जो गुरूवार से लागू होगा. इस समझौते की शर्तों के तहत इसराइल ग़ज़ा पट्टी की नाकेबंदी ख़त्म कर देगा जिसके बाद वहाँ ज़रूरी चीज़ों की आपूर्ति बिना-किसी रोकटोक के हो सकेगी. एक इसराइली अधिकारी ने कहा है कि समझौते के साथ ही उस इसराइली सैनिक को छुड़ाने के लिए भी बातचीत शुरू की जाएगी जिसे कथित तौर पर हमास ने बंदी बना रखा है. उधर फ़लस्तीनी संगठन हमास के एक अधिकारी ने कहा है कि उन्हें भरोसा है कि ग़ज़ा में सभी चरमपंथी संगठन इस युद्धविराम समझौते का पालन करेंगे. इसराइल और हमास के बीच यह समझौता मिस्र ने कराया है. येरूशलम में मौजूद बीबीसी संवाददाता वायर डेवीज़ का कहना है कि हमास के लिए यह समझौता एक तरह से इस बात की स्वीकृति है कि ग़ज़ा पट्टी क्षेत्र की इसराइली नाकेबंदी की वजह से वहाँ के प्रशासन पर असर पड़ रहा है और ग़ज़ा के लोगों पर उसका बहुत बुरा असर पड़ रहा है. सीमा चौकियाँ इस समझौते को मंज़ूरी देने का फ़ैसला इसराइली प्रधानमंत्री एहूद ओलमर्ट और रक्षा मंत्री एहूद बराक ने किया है और फ़ैसला उस रक्षा अधिकारी के काहिरा से लौटने के बाद किया गया जिसने मिस्र के मध्यस्थ वार्ताकारों के साथ बातचीत की थी. हमास ने फ़तह संगठन के वफ़ादार सैनिकों को बाहर निकालकर जून 2007 में ग़ज़ा की सत्ता संभाली थी. ग़ौरतलब है फ़तह फ़लस्तीनी प्रशासन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास के समर्थन वाला संगठन है. ग़ज़ा में हमास की सरकार बनने के बाद से ही इसराइल, फ़लस्तीनी प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने हमास को अलग-थलग करने की कोशिश की है.
इसराइल तभी से ग़ज़ा क्षेत्र को एक "शत्रु क्षेत्र" घोषित कर चुका है और हमास पर दबाव बढ़ाने के लिए ग़ज़ा की नाकेबंदी भी की है. इसराइल का कहना है कि उसने हमास पर यह दबाव इसलिए बनाया है ताकि ग़ज़ा क्षेत्र से इसराइल के अंदर दागे जाने वाले रॉकेटों को रोका जा सके. लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि स्थायी शांति अभी बहुत दूर नज़र आती है क्योंकि दोनों ही पक्षों ने आगाह किया है कि अगर इसका ज़रा भी उल्लंघन हुआ तो यह समझौता तुरंत समाप्त हो जाएगा. इसराइली सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा है कि सरकार चाहती है कि युद्धविराम का यह समझौता कामयाब हो. कामयाबी की उम्मीद मिस्र की कोशिशों के बाद अब इसराइल और हमास के बीच जो समझौता हुआ है उसके गुरूवार को स्थानीय समय के अनुसार प्रातः छह बजे और ग्रीनिच मान समय के अनुसार तड़के तीन बजे लागू होगा. इस समझौते के इस चरण में कहा गया है कि दोनों पक्ष हिंसक गतिविधियाँ रोकेंगे और इसराइल ग़ज़ा की कुछ सीमा चौकियों को आंशिक रूप से खोल देगा. हमास के अधिकारी अहमद यूसुफ़ ने बीबीसो को बताया कि उन्हें उम्मीद है कि इस समझौते के नतीजे के रूप में इसराइल की तरफ़ से ग़ज़ा में आने वाले रास्ते पर कुछ और सीमा चौकियों को खोल दिया जाएगा और ग़ज़ा में ज़रूरी सामान की आपूर्ति बढ़ जाएगी.
अहमद यूसुफ़ ने कहा, "मुझे पूरा भरोसा है कि जिन शर्तों पर हमारे बीच सहमति हुई है, सभी उन पर ऑअमल करेंगे. जो भी फ़लस्तीनी संगठन इस समझौते के लिए काहिर गए थे, उन सभी ने इस समझौते के लिए अपनी सहमति दी है. अगर कोई पक्ष अब इस समझौते का उल्लंघन करता है तो वह इसके लिए ख़ुद ज़िम्मेदार होगा." उन्होंने कहा कि अब ज़ोर इस बात पर होगा कि एक दूसरे के क़ैदियों की अदला-बदली पर बातचीत आगे बढ़ाई जाए. साथ ही फ़तह और हमास के विभिन्न गुटों के बीच काहिरा में बातचीत का अगला दौर शुरू हो. काहिरा ने हमास और इसराइल के बीच यह समझौता कराने के लिए कई महीने तक कोशिशें की हैं. मिस्र की सरकारी समाचार एजेंसी मेना ने कहा है कि दोनों ही पक्षों ने इस समझौते का पहला चरण स्वीकार कर लिया है. एजेंसी ने कहा है, "मिस्र को उम्मीद है कि दोनों पक्ष इस समझौते को सफल बनाने में कोई क़सर नहीं छोड़ेंगे." |
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