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आग गर्म होती है, ठंडी क्यों नहीं?
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नई दिल्ली से मोहम्मद हुसैन आज़ाद ने सवाल किया है कि आग गर्म ही क्यों होती है, ठंडी क्यों नहीं?
जितने भी तरल, ठोस और गैस ईंधन होते हैं उनमें तीन ज्वलनशील पदार्थों में से एक अवश्य रहता है. कार्बन, हाइड्रोजन या सल्फ़र. ये तो आप जानते ही हैं कि कोई भी ईंधन बिना ऑक्सीजन के नहीं जल सकता. जब ईंधन को जलाया जाता है तो ईंधन और ऑक्सीजन के अणु, पानी और कार्बन डाइऑक्साइड के अणुओं में बदल जाते हैं. इसमें जो रासायनिक प्रतिक्रियाएं होती हैं उससे भारी मात्रा में ऊर्जा निकलती है. यह अतिरिक्त ऊर्जा कहीं तो जाएगी इसलिए यह तापीय ऊर्जा में परिणित हो जाती है. इसी को हम आम ज़बान में गर्मी कहते हैं. ग्राम भवानी गंज, गोपाल गंज बिहार से अर्जुन कुमार राम ने पूछा है कि ईसाइयों के धार्मिक ग्रंथ बाइबिल की रचना कब हुई और किसने की. बाइबिल केवल एक पुस्तक नहीं है बल्कि कई पुस्तकों का एक संग्रह है. यह पुराने व्यवस्थान और नए व्यवस्थान में विभाजित है. पुराने व्यवस्थान में शामिल पुस्तकों की संख्या को लेकर कैथोलिक चर्च और प्रोटैस्टैंट चर्च में मतभेद है. कैथोलिक मानते हैं कि पुराने व्यवस्थान में 73 पुस्तकें हैं जबकि प्रोटैस्टैंट इनकी संख्या 66 बताते हैं. पुराने व्यवस्थान में ईसा मसीह के जन्म से पहले की पुस्तकें आती हैं जबकि नए व्यवस्थान में उनके जन्म के बाद की पुस्तकें आती हैं जो उनके जीवन और शिक्षाओं से संबंधित हैं. इसमें कुल 27 पुस्तकें हैं जिनमें ईसा मसीह के अनुयायी संत पॉल, पीटर और जेम्स के पत्र भी शामिल हैं. बाइबिल की सभी पुस्तकों के लेखक अलग-अलग हैं और इन्हें 1600 वर्षों में लिखा गया. पुराने व्यवस्थान की पहली पुस्तक योब का ग्रंथ माना जाता है जिसे हज़रत मूसा ने 1500 वर्ष ईसा पूर्व लिखा था. नए व्यवस्थान की अंतिम पुस्तक ईसा के जन्म के 100-150 वर्ष बाद लिखी गई. उल्लेखनीय है कि ईसा के जीवन काल में, उनके बारे में या उनके द्वारा कोई पुस्तक नहीं लिखी गई. दुनिया में ऐसा कौन सा सांप है जो घोंसला बनाता है. यह जानना चाहती हैं कि सारण बिहार से रीना कुमारी.
मादा कोबरा ही एक मात्र ऐसा सांप है जो अपने अंडों के लिए घोंसला बनाती है. यही नहीं, वह अपने घोंसले की कड़ी पहरेदारी भी करती है. वह अपने शरीर से जंगल में पड़ी सड़ी पत्तियों, तिनकों और सूखी घास को इकट्ठा करती है और ढेर बना लेती है. उसके बाद वह घोंसले के बीच में अंडे देती है और उन्हें ढक देती है जिससे जंगली जानवर उन्हें खा न सकें. घोंसला बनाने के बाद वह अंडों के ऊपर या घोंसले के ऊपरी हिस्से में कुंडली मार कर बैठ जाती है. आमतौर पर मादा कोबरा एक बार में 20 से 40 अंडे देती है और उन्हें तैयार होने में 60 से 85 दिन लगते हैं. लेकिन आश्चर्य की बात ये है कि जब उनमें से बच्चे निकलने का समय आता है तो वह उन्हें छोड़कर चली जाती है. सुखदेव सिंह ने पूछा है कि एरिया 51 क्या है. एरिया 51 अमरीका के दक्षिणी प्रांत नेवाडा का एक दूर दराज़ इलाक़ा है जहाँ सेना का एक विशाल हवाई ठिकाना है. इसे दुनिया के सबसे अधिक गुप्त स्थानों में से एक माना जाता है. इसका मूल उद्देश्य ये है कि यहां प्रायोगिक विमानों और हथियारों का विकास और परीक्षण किया जा सके. एरिया 51 के चारों ओर बड़ी कड़ी सुरक्षा रहती है और इसके लिए राडार व्यवस्था लगाई हुई है. यहाँ कोई आम आदमी नहीं जा सकता. कोई अनधिकृत व्यक्ति आसपास आ जाए तो राडार व्यवस्था ऐसी है कि उसका तुरंत पता चल जाता है और उसे तुरंत निकाल दिया जाता है. सरकारी मानचित्रों में इसे दिखाया नहीं जाता. इसीलिए इसे लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जाती हैं कि यहाँ दूसरे ग्रहों के अंतरिक्ष यानों और जीवों का अध्ययन होता है या यहां समय यात्रा की तकनोलॉजी पर काम हो रहा है या यहां मौसम नियंत्रण के लिए ऊर्जा हथियार तैयार किए जाते हैं. सूची बड़ी लंबी है. गांव भरवाना, हनुमानगढ़ राजस्थान से राकेश पुनिया जानना चाहते हैं कि ताजमहल में लगा संगमरमर कहाँ से आया. ताजमहल में लगा संगमरमर राजस्थान के नागौर ज़िले के मकराना नगर से लाया गया जहाँ संगमरमर की खानें हैं. इस संगमरमर में 28 तरह के बहुमूल्य पत्थरों का इस्तेमाल किया गया जो तिब्बत, चीन, अफ़ग़ानिस्तान, अरब और श्रीलंका से लाए गए थे. और कहते हैं कि निर्माण सामग्री ढोने के लिए एक हज़ार हाथियों का प्रयोग किया गया था. |
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