मंगलवार, 13 मई, 2008 को 00:37 GMT तक के समाचार
अमरीका ने लेबनानी सेना को मदद देने की पेशकश की है ताकि 'लेबनान की सरकार अपने देश को हिज़्बुल्ला के कब्ज़े से मुक्त' कर सके.
लेबनान सरकार को यह ताज़ा पेशकश अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की ओर से की गई है. बुश ने बीबीसी के अरबी टीवी से बातचीत में यह बात कही है.
हालांकि बातचीत में उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमरीका किस तरह की और कैसे मदद उपलब्ध करवाएगा.
पर उन्होंने हिज़्बुल्ला पर अपने ही लोगों को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि लेबनान की सरकार को एक ऐसी सेना की ज़रूरत है जो ईरान समर्थित हिज़बुल्ला के हमलों का जवाब देने में सक्षम हो.
अमरीकी राष्ट्रपति अपने बयान में ईरान को घेरने से भी नहीं चूके. उन्होंने कहा कि इस समस्या की जड़ में ईरान ही है क्योंकि ईरान और सीरिया की मदद के बिना हिज़्बुल्ला कुछ भी नहीं है.
बुश ने आशा जताई है कि उनके कार्यकाल के समाप्त होने से पहले इसराइल और फ़लस्तीन के बीच शांति समझौता हो सकता है.
हिज़्बुल्ला के हमले
ग़ौरतलब है कि पिछले सप्ताह हिज़्बुल्ला के लड़ाकों ने लेबनान की राजधानी बेरूत के पश्चिमी क्षेत्र में काफ़ी बड़े हिस्से पर नियंत्रण कर लिया था.
हिज़्बुल्ला के लड़ाकों ने पश्चिम समर्थक मानी जाने वाली सरकार के समर्थकों को वहाँ से बाहर निकाल दिया था.
लेबनान की सरकार ने भी हिज़्बुल्ला की कार्रवाई को हिंसक तख़्तापलट बताते हुए आरोप लगाया है कि उनके देश में ईरान के हस्तक्षेप को बढ़ाने और सीरियाई दख़ल स्थापित करने की साजिश हो रही है.
हिज़बुल्लाह के वफ़ादार लड़ाकों और इसके शिया विपक्षी सहयोगियों ने सरकार समर्थक मीडिया के दफ़्तरों को भी बलपूर्वक बंद करवा दिया था.
पिछले दिनों हिज़्बुल्ला और सुरक्षाकर्मियों के बीच हिंसक संघर्ष में 15 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं और बड़ी तादाद में लोग घायल हो गए हैं.