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रंगभेद: बहुराष्ट्रीय कंपनियों को झटका
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दक्षिण अफ़्रीका की रंगभेद की व्यवस्था के पीड़ितों को अमरीकी अदालतों में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के ख़िलाफ़ याचिका लाने की इजाज़त
मिल गई है.
रंगभेद से पीड़ित लोग पचास बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के ख़िलाफ़ आरोप लगाते हैं कि उन्होंने इस व्यवस्था का साथ देकर अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन किया था. इस व्यवस्था के तहत दक्षिण अफ़्रीका में वर्ष 1948 से 1994 तक नस्ल के आधार पर काले लोगों के साथ भेदभाव किया जाता था. चार सौ अरब का मुआवज़ा! जिन बड़ी कंपनियों के ख़िलाफ़ रंगभेद की व्यवस्था का साथ देने का आरोप लगता है, उनमें जनरल मोटर्स, आईबीएम, नेस्ले, एक्सॉन मोबिल शामिल हैं. रंगभेद के पीड़ित लोग इन कंपनियों से 400 अरब डॉलर से ज़्यादा के मुआवज़े की माँग कर रहे हैं. ग़ौरतलब है कि अमरीका और दक्षिण अफ़्रीका की सरकारों ने अमरीका के सुप्रीम कोर्ट के अनुरोध किया था कि इन याचिकाओं को आगे बढ़ने से रोक जाए. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ऐसा करने में असमर्थ था क्योंकि अदालत के चार न्यायाधीश इस मामले को इसलिए नहीं सुन सकते थे क्योंकि उनके अपने और याचिकाकर्ताओं के हितों में टकराव की संभावना जताई जा सकती थी. |
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