शनिवार, 07 जुलाई, 2007 को 22:43 GMT तक के समाचार
दुनिया के सात नए अजूबों में ताजमहल को शामिल किया गया है. पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में इनके नामों की घोषणा की गई.
ताजमहल के नाम की घोषणा सबसे अंत में हॉलीवुड के अभिनेता बेन किंग्सले और भारतीय फ़िल्म अभिनेत्री बिपाशा बसु ने की.
भारत की ओर से आगरा की मेयर अंजुला सिंह ने इसका प्रमाणपत्र स्वीकार किया.
नए अजूबों में ताजमहल के अलावा चीन की दीवार, पेत्रा (जार्डन), स्टेच्यू ऑफ़ क्राइस्ट (ब्राज़ील), माचू पीचू (पेरू), चिचेन इत्ज़ा के पिरामिड (मैक्सिको) और रोमन कॉलोसियम (इटली) शामिल हैं.
आयोजकों के मुताबिक इन सात नए अजूबों के लिए दुनियाभर से क़रीब 10 करोड़ लोगों ने मतदान किया.
सात नए अजूबों को तय करने के इस अभियान का ताना-बाना बर्नाड वेबर नाम के एक स्विस नागरिक ने तैयार किया था जो पेशे से फ़िल्मकार और म्यूज़ियम संचालक रहे हैं.
उनका मानना है कि सात प्राचीन आश्चर्यों के बारे में लोगों को कम ही जानकारी हो पाती है और उनमें से भी केवल एक ही ठीक ठाक स्थिति में हैं, ऐसे में दुनिया के सात नए आश्चर्यों की खोज की जानी चाहिए.
उनके संगठन ने दुनिया के सात नए महान आश्चर्यों के लिए विश्व स्तर पर मोबाइल, एसएमएस और ऑनलाइन अभियान चलाया.
ग़ौरतलब है कि दुनिया का सात प्राचीन आश्चर्यों की घोषणा अब से तक़रीबन दो हज़ार वर्ष पहले ग्रीक विद्वानों ने की थी. इनमें से गीज़ा के पिरामिड ही बचे हैं और बाक़ी नष्ट हो चुके हैं.
वाह ताज
नए आश्चर्यों में एक नाम भारत के ताजमहल का भी है.
ताजमहल को इन नए आश्चर्यों की सूची में शामिल किया जाए, इसके लिए बड़े पैमाने पर भारत में भी अभियान चलाया गया.
संगीतकारों, फ़िल्म कलाकारों और खिलाड़ियों तक ने सार्वजनिक रूप से लोगों से अपील की कि प्रेम की निशानी कहे जाने वाले ताजमहल को सात नए आश्चर्यों में जगह दिलवाने के लिए मतदान करें.
हालांकि शुरुआत में लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे थे और ताज को भारत में उतना समर्थन नहीं मिल पा रहा था जितना कि मिलना चाहिए था.
लेकिन बाद में लोगों ने इसमें हिस्सा लेना शुरू किया और फिर मोबाइल फोन से एसएमएस के ज़रिए या इंटरनेट पर अपना वोट देकर लोगों ने ताज के समर्थन में अपना मत व्यक्त किया.
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डिसिल्वा ने तो 'स्टेचू ऑफ क्राइस्ट' के लिए रेडियो पर संदेश प्रसारित कर अपने नागरिकों से बढ़ चढ़ कर वोट करने का अपील की थी.
दूसरी ओर पेरू सरकार ने भी अपने प्राचीन शहर माचू पिचू के पक्ष में मतदान के लिए जगह जगह पर इंटरनेट कनेक्शन के साथ कंप्यूटर लगवाए थे.
सर्वेक्षण पर सवाल
हालांकि इस प्रयास को लेकर कई सवाल भी उठाए जा रहे हैं.
संयुक्त राष्ट्र के सांस्कृतिक संगठन यूनेस्को ने भी इस अभियान को आड़े हाथों लिया है.
यूनेस्को का कहना है कि इस अभियान में जिन इमारतों और स्थानों को शामिल किया गया है, उसकी सूची बहुत छोटी है.
यूनेस्को की ओर से भी दुनिया की ऐतिहासिक धरोहरों में से अजूबों को तय किया जाता है और इसके लिए पिछले दिनों न्यूज़ीलैंड में एक बैठक भी हुई थी.
यूनेस्को ने दुनियाभर से जिन धरोहरों को नामित किया है उनमें 660 सांस्कृतिक और 166 प्राकृतिक जगहें तय की गई हैं.
यूनेस्को की एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि इस बारे में अभियान की ओर से कई बार यूनेस्को से संपर्क भी किया गया ताकि वो हमारा समर्थन हासिल कर सकें पर हमें लगा कि उनके और हमारे मकसद में भिन्नता है.
उन्होंने कहा कि इस अभियान के पीछे कोई व्यापक और बड़ा उद्देश्य नहीं लगता है बल्कि इसे ज़्यादा व्यावसायिक तरीके से चलाया जा रहा है.