सोमवार, 22 मई, 2006 को 09:29 GMT तक के समाचार
मॉन्टिनीग्रो की जनता ने सर्बिया के साथ संघ से अलग होने के पक्ष में मतदान किया है. स्वतंत्र मॉन्टिनीग्रो देश के लिए हुए जनमतसंग्रह में फ़ैसला काफ़ी कम अंतर से हुआ.
चुनाव आयोग के प्रमुख ने बताया कि सर्बिया से अलग होने के पक्ष में 55.4 प्रतिशत मतदान हुआ. इसके लिए 55 फ़ीसदी मतों की आवश्यकता थी.
1990 के दशक में यूगोस्लाविया में हुए युद्ध के बाद छह गणराज्यों का एक संघ बना था. लेकिन पूर्व यूगोस्लाविया की आख़िरी निशानी के रूप में बचे थे सर्बिया और मॉन्टिनीग्रो.
2003 में दोनों का एक संघ बना था और यह तय हुआ था कि तीन साल के बाद वे संघ से अलग होने का फ़ैसला कर सकते हैं. मॉन्टिनीग्रो में हुए मतदान के बाद पूर्व यूगोस्लाविया की आख़िरी निशानी भी ख़त्म हो गई है.
आज़ादी के सवाल पर मॉन्टिनीग्रो पूरी तरह बँट गया था. आज़ादी का विरोध करने वाले ये तर्क दे रहे हैं कि इससे सर्बिया के साथ आर्थिक और राजनीतिक संबंधों पर विपरीत असर पड़ेगा.
आज़ादी
मॉन्टिनीग्रो के प्रधानमंत्री मिलो जुकानोविच ने कहा, "मॉन्टिनीग्रो के ज़्यादातर लोगों के फ़ैसले से देश की आज़ादी फिर से बहाल हुई है."
सर्ब राजनेताओं, पुरातनपंथी चर्च नेताओं और सर्बिया की सीमा से लगे पहाड़ी इलाक़ों के लोगों ने सर्बिया से अलग होने का विरोध किया था. लेकिन तटीय इलाक़ों के लोगों और अल्बेनियाई मूल के लोगों ने प्रधानमंत्री और आज़ादी का समर्थन किया.
प्रधानमंत्री जुकानोविच का तर्क था कि स्वतंत्र मॉन्टिनीग्रो की एक मज़बूत अर्थव्यवस्था होगी और इससे यूरोपीय संघ में शामिल होने का देश का दावा और मज़बूत होगा.
सर्बिया से अलग होने के पक्ष में मतदान का संकेत मिलते ही राजधानी पोदगोरित्सा में आज़ादी समर्थक जमा होने लगे. लोगों ने कार के हॉर्न बजाकर अपनी ख़ुशी दिखाई तो पूर्व मॉन्टिनीग्रो साम्राज्य के झंडे भी लहराए गए.
मॉन्टिनीग्रो 1918 के बाद से अब पूर्ण स्वतंत्र राज्य बनेगा. मॉन्टिनीग्रो में रविवार सुबह को जनमतसंग्रह के लिए मतदान शुरू हुआ था. मतदान 86.3 प्रतिशत तक हुआ.
जनमतसंग्रह में मतदान करने के लिए मॉन्टिनीग्रो के हज़ारों लोगों को बुलाया गया था. मॉन्टिनीग्रो की आबादी सात लाख है. इसलिए प्रवासी लोगों के मत को काफ़ी महत्वपूर्ण माना जा रहा था.