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मूर्धन्य कवि और साहित्यकार डॉक्टर हरिवंशराय बच्चन की जन्म शताब्दी पर एक विशेष पन्ना तैयार करते समय बीबीसी हिंदी ऑनलाइन को लगा कि यह उनके बेटे अमिताभ बच्चन की श्रद्धांजलि के बिना अधूरा रहेगा. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
समय के नैतिक आग्रहों ने महादेवी के साहित्य में रहस्यवाद खोज लिया और काफ़ी समय तक वे आधुनिक युग की मीरा के रूप में जानी-पहचानी गईं. | महादेवी के संस्मरणों में कहानियाँ की रोचकता के साथ-साथ काव्य की करुणा, संवेदना, लयात्मकता है. उनमें सामाजिक सरोकार की झलक भी मिलती है. | महादेवी को समझने की एक सीधी कोशिश तो उनके गद्य के माध्यम से ही की जा सकती है. उनका गद्य, उनकी कविता के साथ साथ चलता है.
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