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प्रोफ़ेसर चमनलाल मानते हैं कि गांधी और भगत सिंह अलग-अलग धाराओं के लोग थे और भगत सिंह की फाँसी गांधी और अंग्रेज़ों की नैतिक हार थी. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय पंजाब के नवाँशहर ज़िले में स्थित खट्करकलाँ भगत सिंह का पुश्तैनी गाँव है पर एक पुश्तैनी मकान को छोड़ कुछ भी भगत सिंह से जुड़ा नहीं दिखता. | एक आर्यसमाजी परिवार में पैदा हुए क्रांतिकारी भगत सिंह क्या ईश्वर जैसी किसी सत्ता में विश्वास करते थे.. जानिए, इस बारे में क्या थे उनके विचार. | गाँधीजी के नाम सुखदेव की 'खुली चिट्ठी' मार्च, 1931 में लिखी गई थी. जो गाँधी जी के उत्तर सहित 30 अप्रैल, 1931 के 'नवजीवन' के अंक में प्रकाशित हुई थी. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||