अमरीका में अब 'मुस्लिम विरोधी' विज्ञापनों पर बवाल

 सोमवार, 24 सितंबर, 2012 को 11:14 IST तक के समाचार
विवादित विज्ञापन

विश्व भर में क्लिक करें इस्लाम विरोधी फ़िल्म की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि न्यूयॉर्क शहर में अरब और मुस्लिम-विरोधी विज्ञापनों को लेकर नया बवाल खड़ा हो गया है.

शहर की भूमिगत रेल सेवा के स्टेशनों पर लगाए जाने वाले कुछ विज्ञापनों में प्रयोग की गई भाषा को लेकर कुछ लोगों को एतराज़ है.

इन विज्ञापनों में लिखा है कि 'सभ्य व्यक्ति और असभ्य के बीच होने वाली किसी लड़ाई में सभ्य व्यक्ति का ही समर्थन करो, और इसके नीचे दो स्टार आफ़ डेविड के बीच में बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा है- इसराइल का समर्थन करो, जिहाद को पराजित करो.'

न्यूयॉर्क ट्रांसिट ने विज्ञापनों को लगाने पर पहले यह कहते हुए मना कर दिया था कि इसमें प्रयोग की गई भाषा कुछ लोगों के खिलाफ़ है और नस्लभेदी है.

लेकिन जब यह मामला अदालत में गया तो अदालत ने फ़ैसला दिया कि यह अमरीकी संविधान के पहले संशोधन के तहत विचारों को रखने की आज़ादी के अधिकार से संबंधित मामला है और इन विज्ञापनों को लगाने की इजाज़त देने होगी.

अब यही विज्ञापन सोमवार से न्यूयॉर्क की भूमिगत रेल सेवा के 10 स्टेशनों पर लगाए जा रहे हैं. इन विज्ञापनों को एक अमरीकी संस्था अमेरिकन फ़्रीडम डिफ़ेंस इनिशिएटिव की ओर से जारी किया गया है.

'सारे मुस्लिम जिहादी नहीं'

"विज्ञापन में सिर्फ़ जिहाद कहा गया है और सारे मुसलमानों के बारे में नहीं कहा गया है. जो समझते हैं कि यह विज्ञापन सारे मुसलमानों का विरोधी है, असल में वह इस्लाम विरोधी हैं. मैं नहीं समझती कि सारे मुस्लिम जिहादी हैं या इसराइल के दुश्मन हैं"

पेम गेलर

इस संस्था की निदेशक पेम गेलर विज्ञापन के बारे में कहती हैं, ''विज्ञापन में सिर्फ़ जिहाद कहा गया है और सारे मुसलमानों के बारे में नहीं कहा गया है. जो समझते हैं कि यह विज्ञापन सारे मुसलमानों का विरोध करते हैं, असल में वह इस्लाम विरोधी हैं. मैं नहीं समझती कि सारे मुस्लिम जिहादी हैं या इसराइल के दुश्मन हैं.''

लेकिन कुछ मुसलमानों को और अन्य लोगों को भी इस विज्ञापन की भाषा पर एतराज़ है. उनका कहना है कि विज्ञापन में प्रयोग की गई भाषा अरब और मुस्लिम विरोधी है.

'नफरत फैलाने वाला गुट'

न्यूयॉर्क में एक मुस्लिम संस्था काउंसिल ऑन अमेरिकन इस्लामिक रिलेशंस के मुनीर आवाद कहते हैं, ''हम विचारों की अभिव्यक्ति संबंधित अधिकार को पूरी मान्यता देते हैं. हम गेलर और उनकी संस्था के कट्टर और नस्लभेदी होने के अधिकार को भी समझते हैं.''

वे कहते हैं, ''लेकिन शहर के जो अधिकारी हमारा प्रतिनिधित्व करते हैं, उनको और ट्रांसिट अथॉरिटी के अधिकारियों को नफ़रत फैलाने वाले विज्ञापनों की कठोर शब्दों में निंदा करनी चाहिए. विज्ञापन के पीछे जो गुट है, उसका इसराइल से कोई लेना-देना नहीं है. यह नफ़रत फैलाने वाला गुट है.''

"शहर के जो अधिकारी हमारा प्रतिनिधित्व करते हैं, उनको और ट्रांसिट अथॉरिटी के अधिकारियों को नफ़रत फैलाने वाले विज्ञापनों की कठोर शब्दों में निंदा करनी चाहिए. विज्ञापन के पीछे जो गुट है, उसका इसराइल से कोई लेना-देना नहीं है. यह नफ़रत फैलाने वाला गुट है"

मुनीर आवाद

वहीं मुस्लिम संस्था के साइरस मैकगोल्डरिक्स का कहना है कि शहर के मुसलमान इन विज्ञापनों का हिंसक विरोध नहीं करेंगे.

इस बीच न्यूयॉर्क पुलिस ने एक बयान जारी कर साफ़ कर दिया है कि इन विज्ञापनों के लगाए जाने से संबंधित किसी प्रकार के हमले की कोई धमकी नहीं मिली है.

यह विज्ञापन एक महीने तक भूमिगत रेल के 10 स्टेशनों पर लगे रहेंगे.

अमेरिकन फ़्रीडम डिफ़ेंस इनिशिएटिव संस्था का कहना है कि इन विज्ञापनों पर छह हज़ार डॉलर का खर्च आया है.

भाषा और संदेश की निंदा

लेकिन सिर्फ़ मुसलमान ही नहीं बल्कि अन्य धर्मों के लोग भी विज्ञापन में प्रयोग की गई भाषा और उसके संदेश की निंदा कर रहे हैं.

अमरीका में इसराइल का समर्थन करने वाली यहूदियों की एक संस्था एंटी-डिफ़ेमेशन लीग के माइकल सैलबर्ग कहते हैं, ''यह संस्था अमेरिकन फ़्रीडम डिफडेंस इनिशिएटिव अपने आपको इसराइल के समर्थक के तौर पर पेश करती है.''

वे कहते हैं, ''लेकिन हम समझते हैं कि वह गलत-बयानी से काम ले रहे हैं. यह मुस्लिम-विरोधी कार्यकर्ताओं का एक गुट है. जो विज्ञापन इस संस्था द्वारा जारी किए गए हैं, वह अप्रिय और भड़काने वाले हैं.''

"हम समझते हैं कि वह गलत-बयानी से काम ले रहे हैं. यह मुस्लिम-विरोधी कार्यकर्ताओं का एक गुट है. जो विज्ञापन इस संस्था द्वारा जारी किए गए हैं, वह अप्रिय और भड़काने वाले हैं"

माइकल सैलबर्ग

अमेरिकन फ़्रीडम डिफ़ेंस इनिशिएटिव नामक संस्था ने यह विज्ञापन न्यूयॉर्क के अलावा भी कई शहरों में लगाने की कोशिश की है.

यह विज्ञापन अगस्त महीने में सैंन फ़्रैंसिस्को शहर की बसों में भी लगाए गए थे जहां परिवहन विभाग ने साथ में यह भी लिख दिया है कि विभाग इस विज्ञापन में कही गई बातों से सहमत नहीं है.

वॉशिंगटन की भूमिगत ट्रेनों में भी यह विज्ञापन लगाने की कोशिश की गई. लेकिन शहर प्रशासन ने यह कहकर इंकार कर दिया कि इन विज्ञापनों को लगाने से यात्रियों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है.

लेकिन इसी संस्था ने न्यूयॉर्क की मेट्रो नार्थ की लंबी दूरी की रेलगाड़ियों पर भी इस्लाम और मुसलमानों का विरोध करने वाले विज्ञापन लगाए थे.

इस संस्था की निदेशक पेम गेलर ने ग्राउंड ज़ीरो के नज़दीक एक प्रस्तावित मस्जिद बनाए जाने का विरोध करने वालों की भी अगुवाई की थी.

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