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पैगंबर पर फिल्म: पश्चिमी देशों ने की हिंसा रोकने की अपील

 शनिवार, 15 सितंबर, 2012 को 11:48 IST तक के समाचार

इस्लाम पर बनी फ़िल्म को लेकर मध्यपूर्व सहित दुनियाभर में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों का सिलसिला बढ़ता जा रहा है. पश्चिमी देशों ने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अपने नागरिकों और दूतावासों पर हो रहे हमलों को रोकने के लिए प्रदर्शनकारियों से अपील की है.

यूरोपीय संघ के नेताओं ने अरब देशों और इस्लाम को मानने वालों से अपील की है कि वो हिंसा पर काबू पाएं और शांति बहाल करने की कोशिश करें. इस बीच सूडान में अमरीकी दूतावास पर हुए हमले के चलते अमरीका ने सुरक्षा के लिए मरीन तैनात की हैं.

इस्लाम पर बनी फ़िल्म को लेकर लीबिया, मिस्र, सूडान, ट्यूनीशिया और लेबनान में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद भारत के चेन्नई स्थित अमरीकी वाणिज्ज दूतावास पर भी शुक्रवार को प्रदर्शन हुए.

चेन्नई में प्रदर्शन

मुस्लिम प्रदर्शनकारियों ने चेन्नई में अमरीका के वाणिज्ज दूतावास पर पत्थर और चप्पलों से हमला बोल दिया. प्रदर्शनकारी नारे लगा रहे थे.

मुस्लिम प्रदर्शनकारियों ने चेन्नई में अमरीका के वाणिज्य दूतावास पर पत्थर और चप्पलों से हमला बोल दिया

प्रदर्शनकारियों के हमले से पूछताछ काउंटर और वाणिज्य दूतावास के पास पुलिस बूथ की खिड़की क्षतिग्रस्त हो गई.

पुलिस ने प्रदर्शकारियों से निपटने के लिए लाठी चार्ज का सहारा लिया. प्रदर्शनकारियों और पुलिस की झड़प में 25 लोगों को मामूली चोटें आई हैं.

वाणिज्ज दूतावास के प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि प्रदर्शनकारियों ने दूतावास पर पत्थर फेंके, बाहरी दीवार को छतिग्रस्त किया लेकिन दूतावास के सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं.

सूडान, ट्यूनीशिया में मौतें

इस बीच प्रदर्शनकारियों ने सूडान की राजधानी खारतूम में अमरीकी, जर्मन और ब्रितानी दूतावासों को निशाना बनाया है.

सूडान के सरकारी रेडियो के मुताबिक राजधानी खारतूम में तीन लोग प्रदर्शन के दौरान मारे गए.

प्रदर्शनकारी अमरीकी दूतावास परिसर में घुस गए. उन्होंने आगजनी की और जर्मनी का झंडा फाड़ दिया और उसकी जगह एक इस्लामी झंडा लगा दिया.

प्रदर्शन

इस विवादित फिल्म को लेकर दुनियाभर में प्रदर्शन हुए हैं

ट्यूनीशिया में भी दो लोगो की मौत हुई है. प्रदर्शनकारियों ने राजधानी ट्यूनिस स्थित अमरीकी दूतावास को निशाना बनाया. यहाँ प्रदर्शनकारियों को काबू करने के लिए पुलिस ने हवा में गोलियाँ चलाईं.

यमन और मिस्र में भी हिंसा हुई है. लेबनान में एक व्यक्ति की मौत हो गई है.

इस फ़िल्म के ख़िलाफ़ प्रदर्शन पूरे मध्य पूर्व और उत्तरी अफ़्रीका में चल रहे हैं.

कार्रवाई

मिस्र की राजधानी काहिरा में अमरीकी दूतावास के बाहर प्रदर्शन कर रहे 500 लोगों को भगाने के लिए पुलिस को आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े.

यमन की राजधानी सना में भी संघर्ष की ख़बर है.

मिस्र के राष्ट्रपति मोहम्मदल मुर्सी ने प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण तरीक़े से अपना विरोध करें.

काहिरा में अमरीकी दूतावास को जाने वाले रास्ते पर काफ़ी अवरोध लगाए गए हैं.

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