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यासिर अराफात के मौत की फ्रांस में जांच शुरु

 बुधवार, 29 अगस्त, 2012 को 02:15 IST तक के समाचार
यासिर अराफात

कई फलस्तीनियों का मानना है कि अराफात को जहर देकर मारा गया था

फ्रांस ने फलस्तीनी नेता यासिर अराफात की कथित हत्या के आरोपों की जांच शुरू की है.

अराफात के परिवार ने उनकी मौत पर उठे सवालों के संबंध में ये मामला उठाया था, आरोप लगाए गए थे कि यासिर अराफात को रेडियोधर्मी पदार्थ पोलोनियम-210 देकर मारा गया था.

कहा जाता है कि स्विस वैज्ञानिकों को अराफात के पास की चीजों पर पोलोनियम लगा हुआ मिला था.

यासिर अराफात की मौत पेरिस में साल 2004 में हुई थी और तब उनकी मेडिकल रिपोर्ट में उनके मौत की वजह खून में गड़बड़ी से हुए स्ट्रोक को बताया गया था.

क्लिक करें इसे भी पढ़ें - क्या वाकई जहर देकर मारे गए थे अराफात?

हालांकि कई फलस्लीनियों का मानना है कि अराफात को इसराइल ने जहर देकर मारा था, क्योंकि वो शांति के रास्ते में रुकावट बन गए थे. इसराइल ने इस मामले में किसी प्रकार का हाथ होने से इनकार किया है.

कई अन्य लोगों का मानना है कि यासिर अराफात को एड्स था.

पोलोनियम के निशान

अराफात के मौत की जांच के लिए उनके परिवार ने फ्रांस में जुलाई में अर्जी दी थी.

पोलोनियम – 210

  • अति रेडियोधर्मी और जहरीला पदार्थ
  • खाने में बेहद कम मात्रा में पाया जाता है
  • शरीर में प्राकृतिक तरीके से पैदा होता है
  • ज्यादा मात्रा में शरीर में जाने पर खतरनाक
  • छूने से नहीं, खाए जाने से खतरा
  • तंबाकू में भी पाया जाता है

समाचार एजेंसी एएफपी ने मंगलवार को सूत्रो के हवाले से कहा कि फ्रांस अराफात के मौत की जांच करने पर राजी हो गया है.

बड़े फलस्तीनी नेता साइब एराकत ने एएफपी को बताया कि फलस्तीन ने जांच का स्वागत किया है.

उन्होंने बताया कि फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने जांच के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांड से आधिकारिक तौर पर मदद मांगी थी.

एराकत ने कहा, “हमें उम्मीद है कि सच को बाहर लाने के लिए गंभीरता से जांच की जाएगी और इसके साथ ही चल रही अंतरराष्ट्रीय जांच से अराफात के मौत से जुड़े लोगों की पहचान हो पाएगी.”

अराफात की मौत पर उठे सवालों की जड़ एक टेलिविजन डॉक्युमेंटरी है जो जुलाई में अल जज़ीरा चैनल पर दिखाई गई थी.

चैनल ने अराफात के चीज़ों की जांच के लिए लोज़ैन यूनिवर्सिटी के वैज्ञनिकों से संपर्क किया था.

जांच के बाद वैज्ञानिकों ने चैनल को बताया कि उन्हें अराफात के कपड़ों और अन्य चीज़ों पर पोलोनियम-210 मिला था.

मौत का कारण

अराफात ने 35 वर्षों तक पीएलओ का नेतृत्व किया था और साल 1996 में फलस्तीन के पहले राष्ट्रपति भी बने.

"हमें उम्मीद है कि सच को बाहर लाने के लिए गंभीरता से जांच की जाएगी और इसके साथ ही चल रही अंतरराष्ट्रीय जांच से अराफात के मौत से जुड़े लोगों की पहचान हो पाएगी."

साइब एराकत, फलस्तीनी नेता

यासिर अराफात की तबीयत अक्तूबर 2004 में अचानक बिगड़ गई और दो सप्ताह बाद ही 75 साल की उम्र में एक फ्रांसीसी सैन्य अस्पताल में उनकी मौत हो गई.

गोपनीयता की शर्तों की वजह से फ्रांसीसी डॉक्टरों ने अराफात की हालत से संबंधित जानकारियां सार्वजनिक नहीं की थी.

अराफात की मेडिकल रिपोर्ट साल 2005 में न्यूयॉर्क टाइम्स अखबार को मिली जिसमें कहा गया था कि उनकी मौत खून में अज्ञात संक्रमण के बाद स्ट्रोक से हुई.

मेडिकल रिकॉर्ड की जांच करने वाले विशेषज्ञों ने अखबार को बताया कि ये कह पाना मुश्किल है कि अराफात की मौत एड्स या जहर देने से हुई.

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