गुरुद्वारे पर हमला करनेवाला पूर्व सैनिक: विदेश मंत्रालय

 सोमवार, 6 अगस्त, 2012 को 21:38 IST तक के समाचार

गुरूद्वारे में रविवार सुबह प्रार्थना सभा चल रही थी जब बंदूकधारी ने वहाँ गोली चलानी शुरू कर दी

अमरीकी विदेश मंत्रालय का कहना है कि विस्कोंसिन में एक गुरुद्वारे में गोली चलाकर छह लोगों को जान से मार देने वाला व्यक्ति एक पूर्व सैनिक था.

पेंटागन का कहना है कि ये बंदूकधारी मनोवैज्ञानिक अभियानों का विशेषज्ञ था मगर उसे 1998 में पदावनति के बाद सेना से निवृत्त कर दिया गया था.

विस्कोंसिन प्रदेश के ओक क्रीक शहर की पुलिस ने इस बंदूकधारी की पहचान वेड माइकेल पेज के तौर पर की है जिसकी उम्र 40 साल थी और जिसे पुलिस ने हमले के बाद मार गिराया.

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अभी ये पता नहीं है कि हमले का उद्देश्य क्या था. मगर स्थानीय पुलिस इस हमले को घरेलू आतंकवाद की एक घटना के रूप में देख रही है.

रविवार सुबह, प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गंजा और श्वेत बताया जा रहा एक बंदूकधारी, विस्कोन्सिन गुरुद्वारे में घुसा और उसने गोली चलानी शुरू कर दी.

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इस हमले में छह लोग मारे गए और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जिनमें एक पुलिसकर्मी भी शामिल है. बाद में एक दूसरे पुलिसकर्मी ने हमलावर को मार गिराया.

हमलावर

"एफ़बीआई फ़िलहाल जाँच कर रही है कि कहीं ये घटना घरेलू आतंकवाद की एक घटना तो नहीं, मगर अभी इसके पीछे के उद्देश्य के बारे में कोई जानकारी नहीं है"

टेरेसा कार्लसन, एफ़बीआई अधिकारी

अधिकारियों के अनुसार बंदूकधारी ने 9 मिलीमीटर सेमी-ऑटोमेटिक पिस्तौल से हमला किया जिसे घटनास्थल से बरामद कर लिया गया है.

पुलिस के अनुसार घायल पुलिसकर्मी के चेहरे पर काफ़ी नज़दीक से आठ या नौ गोली मारी गई मगर समझा जाता है कि वो बच जाएगा.

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बताया जा रहा है कि वेड माइकेल पेज ने अमरीकी सेना में अप्रैल 1992 से अक्तूबर 1998 तक काम किया और नॉर्थ कैरोलाइना प्रदेश के फ़ोर्ट ब्रैग सैन्य अड्डे से उसकी सेवा का अंत हुआ.

एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि पेज का ओहदा सार्जेंट से घटाकर स्पेशलिस्ट कर दिया गया था जिसके बाद उसे सेवा से मुक्त किया गया. मगर उसने ओहदा घटाने के कारण के बारे में नहीं बताया.

मगर अमरीकी मीडिया में आ रही ख़बरों में बताया जा रहा है कि जून 1998 में उसके ख़िलाफ़ काम के दौरान शराब पीने के लिए कार्रवाई की गई थी और उसे बार-बार अनुचित व्यवहार करने के कारण सेवा से हटा दिया गया था.

कारण

पुलिस ने रविवार को बताया कि वो इस हमले को घरेलू आतंकवाद की एक घटना के रूप में देख रही है.

एफ़बीआई की एक अधिकारी टेरेसा कार्लसन ने रविवार रात को कहा,"एफ़बीआई फ़िलहाल जाँच कर रही है कि कहीं ये घटना घरेलू आतंकवाद की एक घटना तो नहीं, मगर अभी इसके पीछे के उद्देश्य के बारे में कोई जानकारी नहीं है."

रविवार रात को पेज के घर की तलाशी के लिए वारंट जारी किया गया. उसका घर गुरुद्वारे से कुछ मील दूर है.

एक और अधिकारी ने अमरीकी टीवी चैनल एबीसी न्यूज़ से बताया कि पेज के शरीर पर टैटू बने थे जिनसे ऐसा लगता है कि ये नफ़रत के कारण किया गया हमला था.

गुरुद्वारे के एक सदस्य ने टीवी चैनल सीएनएन को बताया कि हमलावर की एक बाँह पर 9/11 का टैटू बना हुआ था.

हमले में हताहत लोगों के नाम अभी जारी नहीं किए गए हैं मगर समझा जाता है कि इसमें गुरुद्वारे के प्रमुख और एक अन्य पुजारी शामिल हैं.

ओक क्रीक गुरूद्वारा 1997 में स्थापित किया गया था.

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