ईरान को रोकना अमरीका का 'नैतिक दायित्व'

 सोमवार, 30 जुलाई, 2012 को 04:22 IST तक के समाचार

इस्राइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के साथ मिट रोमनी.

अमरीका के राष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार मिट रोमनी ने कहा है कि उनके देश की ये नैतिक जिम्मेदारी है कि वो ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोके.

इस्राइल की अपनी यात्रा के दौरान रोमनी ने येरूशलम में कहा कि ईरान विश्व को सबसे ज्यादा अस्थिर करनेवाला देश है.

उन्होंने ये भी कहा कि अमरीका इस्राइल के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करता है और अमरीका का इस्राइल के पक्ष में खड़ा होना बिल्कुल सही है.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा प्रतिबंधों के ज़रिए ईरान की परमाणु महात्वाकांक्षाओं पर अंकुश लगाने पर ज़ोर देते रहे हैं.

येरूशलम के पुराने शहर में दिए अपने भाषण में मिट रोमनी ने कहा कि ईरान को चलानेवाले हमारे नैतिक सब्र की परीक्षा ले रहे हैं.

उन्होंने कहा, "वो जानना चाहते हैं कि कौन विरोध करेगा और कौन पक्ष में खड़ा होगा. अमरीका इस्राइल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता से पीछे नहीं हटेगा."

हर संभव कोशिश

"किसी आखिरी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी विकल्पों पर विचार किया जाना चाहिए."

मिट रोमनी, अमरीकी राष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार

इससे पहले मिट रोमनी के एक मुख्य सलाहकार डैन सेनॉर ने कहा था कि राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रोमनी, ईरान के खिलाफ़ सैन्य शक्ति के इस्तेमाल के इस्राइल के फैसले का सम्मान करेंगे.

लेकिन मिट रोमनी ने प्रत्यक्ष रूप से इस बात को न कहते हुए ये कहा कि अमरीका ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम से रोकने की हर संभव कोशिश करेगा.

उन्होंने कहा, "हमारी उम्मीद है कि कूटनीतिक और आर्थिक उपायों से हल निकल आएगा. किसी आखिरी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी विकल्पों पर विचार किया जाना चाहिए."

अपने भाषण में रोमनी ने येरूशलम को इस्राइल की राजधानी बताया. मौजूदा अमरीकी प्रशासन और ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ऐसा कहने से बचते रहे हैं.

इस्राइल येरूशलम को अपना हिस्सा मानता है लेकिन फलस्तीनी लोग शहर के पूर्वी हिस्से को भविष्य के फलस्तीनी राज्य की राजधानी के रूप में देखना चाहते हैं.

रविवार को मिट रोमनी ने इस्राइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति शिमोन पेरेज़ से मुलाकात की थी.

सैन्य हस्तक्षेप

वर्ष 2011 में ईरान में बैलिस्टिक मिसाइल 'ग़दर' का परीक्षण.

राष्ट्रपति पेरेज़ से मुलाकात में उन्होंने ईरान की परमाणु क्षमता के विकास को लेकर इस्राइल की चिंता से सहमति जताई थी और कहा था कि ईरान, आसपास के क्षेत्र और विश्व के लिए जो खतरा पैदा कर रहा है वो अतुलनीय और अस्वीकार्य है.

विश्लेषकों का कहना है कि इस्राइल के प्रति समर्थन जताने से रोमनी को लगता है कि बराक ओबामा के खिलाफ राष्ट्रपति चुनाव में उन्हें मदद मिल सकती है.

मिट रोमनी ने ये भी कहा कि राष्ट्रपति ओबामा ने इस्राइल की उपेक्षा की है और उसके शत्रुओं का समर्थन किया है.

राष्ट्रपति ओबामा की नीति ईरान पर सैनिक हस्तक्षेप के बिना दबाव बनाने की रही है लेकिन रोमनी सैन्य हस्तक्षेप से इनकार नहीं करते हैं.

बीबीसी के उत्तरी अमरीका के संपादक मार्क मर्डेल का कहना है कि रोमनी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही उस बातचीत के भी खिलाफ हैं जिसमें ईरान को थोड़ी मात्रा में यूरेनियम के संवर्धन की अनुमति देने की बात कही जा रही है.

रोमनी चाहते हैं कि ईरान को यूरेनियम के संवर्धन की अनुमति कतई नहीं दी जानी चाहिए.

इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

इसी विषय पर और पढ़ें

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.