जरदारी के विरुद्ध प्रधानमंत्री कार्रवाई करें: कोर्ट

 शुक्रवार, 13 जुलाई, 2012 को 02:34 IST तक के समाचार
राजा परवेज अशरफ और आसिफ अली जरदारी

कोर्ट ने अपने फैसले में पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी का भी हवाला दिया

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ को आदेश दिया है कि वो राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मुकदमों को दोबारा खोलने के लिए स्विस अधिकारियों को खत लिखें.

जस्टिस आसिफ सईद खोसा के नेतृत्व वाली सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यों वाली खंडपीठ ने प्रधानमंत्री को 25 जुलाई तक अदालती आदेश पर अमल करने का निर्देश दिया है.

कोर्ट ने साफ किया कि अगर फैसले पर अमल नहीं हुआ तो प्रधानमंत्री के खिलाफ कार्रवाई होगी.

क्लिक करें जरदारी के खिलाफ नहीं चल सकता मुकदमा

बीबीसी संवाददाता शहज़ाद मलिक के मुताबिक, कोर्ट ने अपने फैसले में पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी का भी हवाला देते हुए कहा कि उनके खिलाफ भी कोर्ट की अवमानना करने की कार्रवाई इसलिए शुरु की गई थी कि उन्होंने कोर्ट के फैसले पर अमल नहीं किया था.

अदालत ने केंद्रीय सूचना मंत्री कमर जमां काइरा के बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में दिए गए बयान की भी समीक्षा की.

क्लिक करें जरदारी मामले पर प्रधानमंत्री जवाब दें

फवाद चौधरी, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी

"इस मामले पार्टी जल्द ही कानून के विशेषज्ञों के साथ बैठक करेगी. हमें ये देखना होगा कि इस आदेश को चुनौती दी जा सकती है या नही. मेरा मानना है कि इसे चुनौती दी जा सकती है. हमें ये देखना होगा कि पूरा सुप्रीम कोर्ट इस पर बैठता है और सुनवाई करता है या फिर कुछ और. हम उसी हिसाब से फैसला करेंगे."

राष्ट्रपति जरदारी को कानूनी कार्रवाई से संरक्षण के मुद्दे पर अदालत का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से जो छह प्रस्ताव दिए गए थे, उनमें चौथा प्रस्ताव ये था कि अगर राष्ट्रपति को संरक्षण हासिल है तो इस मामले में कोर्ट में तर्क पेश किए जाएं.

लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के वकील एहतेजाज अहसन ने कोई दलील पेश नहीं की.

अदालत के आदेश के बाद पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के फवाद चौधरी ने कहा,"इस मामले पार्टी जल्द ही कानून के विशेषज्ञों के साथ बैठक करेगी. हमें ये देखना होगा कि इस आदेश को चुनौती दी जा सकती है या नही. मेरा मानना है कि इसे चुनौती दी जा सकती है. हमें ये देखना होगा कि पूरा सुप्रीम कोर्ट इस पर बैठता है और सुनवाई करता है या फिर कुछ और. हम उसी हिसाब से फैसला करेंगे."

महत्वपूर्ण है कि सुप्रीम कोर्ट ने इसी मामले पर पूर्व प्रधानमंत्री युसुफ रजा गिलानी को अवमानना का नोटिस दिया था और बाद में उन्हें इसका दोषी करार देते हुए प्रधानमंत्री पद के अयोग्य ठहराया था.

क्या है मामला

पाकिस्तान की अदालत में पेश पुराने दस्तावेजों के मुताबिक स्विट्ज़रलैंड के बैंक के खातों में क़रीब छह करोड़ डॉलर ऐसे जमा हैं जिनके बारे में कहा जाता है कि वह राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी को ठेकों के बदले में दी गई रकम है.

ज़रादरी पर आरोप हैं कि उन्होंने अपने पत्नी बेनजीर भुट्टो के प्रधानमंत्री रहते हुए रिश्वत ले कर स्विस कंपनियों को ठेके दिए थे.

बाद में परवेज़ मुशर्रफ और आसिफ अली ज़रदारी की स्वर्गीय पत्नी बेनजीर भुट्टो के बीच हुए एक राजनीतिक समझौते के चलते ज़रदारी के खिलाफ़ लगे गए तमाम आरोप वापस ले लिए गए.

साथ ही पाकिस्तान की सरकार ने स्विस अधिकारियों से यह रकम वापस लेने के प्रयास भी बंद कर दिए.

इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

इसी विषय पर और पढ़ें

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.