कौन पहनेगा काँटो का ताज

 मंगलवार, 3 जुलाई, 2012 को 12:49 IST तक के समाचार

कौन इस नौकरी को करना चाहेगा. एक ऐसे देश को चलाना जहाँ अरबों डॉलर के एक धंधे के चलते 55000 लोग अपनी जान गँवा चुके हों. और तब जब यह धंधा अवैध हो.

इस समस्या के दानव से आते ही लड़ना पड़ेगा के अगले राष्ट्रपति को. मेक्सिको में बीते रविवार को ही राष्ट्रपति पद के लिए मतदान किया गया है. यहाँ चुनाव मैदान में मौजूद हर प्रत्याशी ने कहा है कि मादक पदार्थों के खिलाफ़ देश की सेना द्वारा चलाये जा रहे अभियान को धीमा करेगें.

बेकसूर पीड़ित

मेक्सिको में अमरीका के सीमावर्ती शहर स्यूदैद जुआरेज़ में ऐसी माँओं के लिए एक समूह काम करता है जिनके बच्चे मादक पदार्थों की तस्करी के कारण मारे गए हैं.

कुछ के बच्चे तस्करों के द्वारा मारे गए हैं कुछ सरकारी बलों द्वारा और कईयों के बच्चों ने क्रॉस फायर में अपनी जाने गवां दी हैं.

ऐसी ही एक माँ ग्रिसेल्दा बताती हैं कि उनका जवान बेटा ज़ाकरी एक स्थानीय बार में अपनी प्रेमिका को बचाते हुए क्रॉस

फायर में मारा गया.

अगर आप ग्रिसेल्दा से पूछिए कि क्या उन्हें लगता हैं कि मादक पदार्थों के खिलाफ़ चल रही जंग जीती जा सकती है तो उनका सपाट उत्तर आता है नहीं.
ग्रिसेल्दा कहती हैं "जो मादक पदार्थ लेते हैं वो जानते हैं कि इसका उनके शरीर पर क्या असर पड़ेगा. करने दो उन्हें जो करना है. उन लोगों क लिए एक बेमानी लड़ाई क्यों शुरू करना. "

खूनी जंग

पिछले कुछ सालों से जुआरेज़ में मादक पदार्थों के खिलाफ़ लड़ाई बहुत बड़े पैमाने पर चल रही है. सरकारी जानकारी आधी अधूरी सी लगती है पर उसके अनुसार भी मादक पदार्थों से जुड़ी हिंसा में 8000 लोग कम से कम मारे जा चुके हैं.

यह अफ़गानिस्तान और इराक में मारे गए मित्र राष्ट्रों के सैनिकों की संख्या से ज़्यादा है.

अंतर्राष्ट्रीय सहायता संस्था रेड क्रॉस के लिए काम करने वाले जीसस ह्युकौन कहते हैं कि आम तौर पर इस शहर में गोलियों से लगी चोटों के पीड़ित मामले बहुत ज़्यादा होते हैं. ह्युकौन के अनुसार ज़्यादातर मामलों में उन्हें बुलाया नहीं जाता क्योंकि पीड़ित लोग मर चुके होते हैं.

ह्युकौन पिछले 13 साल से इस शहर में परस्पर विरोधी मादक पदार्थों के तस्करों के झगड़ों और सुरक्षा बालों की बढ़ती कार्रवाई को देख रहे हैं. वो कहते हैं कि लोग अब घरों से उतना बाहर नहीं निकलते जितना पहले निकलते थे.

ह्युकौन के अनुसार "अब तो संपन्न लोग यह भी ज़ाहिर करते डरते हैं कि उनके पास पैसे हैं. पहले लोगों के यहाँ अमरीका से उनके रिश्तेदार नदी संख्या में आते थे लेकिन अब यह भी कम हो चला है. "

चौतरफा असर

देश में बढ़ती हिंसा समाचार चैनलों पर हर समय छाई रहती हैं. यह मुद्दा इतना बड़ा था कि लगभग हर प्रत्याशी पूरे प्रचार के दौरान इस बारे में ही बात करता रहा.

मेक्सिको

मादक पदार्थों और पुलिस वालों के बीच हुई एक जड़प में मारा गया एक पुलिस वाला

बीते मंगलवार को मेक्सिको शहर के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर तीन पुलिस वालों की गोली मार कर हत्या कर दी गई. जिन लोगों के गोलियां मारी वो भी पुलिसवाले थे. हत्यारों के बारे में शक है कि वो लोग तस्करों के लिए काम कर रहे थे.

‘रास्ता गलत’

मेक्सिको के पूर्व राष्ट्रपति विन्सेंट फॉक्स ने एक ज़माने में मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ़ बहुत ही बड़ी और भीषण जंग छेड़ी थी. आज उन्हें लगता है कि हिंसा से कोई रास्ता नहीं निकल रहा और लोहे से लोहा नहीं काटा जा सकता.

फॉक्स कहते हैं “ मुझे लगता है कि सेना को इस काम से हटा लेना चाहिए और एक कुशल पुलिस बल को इस काम में लगाया जाना चाहिए.”

मेक्सिको में राष्ट्रपति के प्रत्याशियों ने देश में हिंसा को कम करने के वादों पर ही चुनाव लड़ा.

ऐसा नहीं की मेक्सिको में केवल मादक पदार्थों का ही धंधा होता है. सीमावर्ती शहर स्यूदैद जुआरेज़में अमरीका में कारों में बिछाने के लिए कालीन बनाने वाली एक कंपनी चलने वाले टोबी स्पून कहते हैं “मेक्सिको की छवि गलत बन गई है. यह एक स्थिर देश हैं जहाँ काम धंधा हो रहा है और देश प्रगति कर रहा है.”

मेक्सिको बेशक दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक हो लेकिन आज भी इस देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती मादक पदार्थों के खिलाफ़ चल रही लड़ाई ही है.

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