ब्रिटेन में सामूहिक सेक्स बन रही है बड़ी समस्या

 मंगलवार, 12 जून, 2012 को 08:26 IST तक के समाचार
सेक्स

ब्रिटेन में सेक्स ग्रूमिंग एक भयंकर समस्या बन गई है.

ब्रिटेन में एक अजीबोगरीब समस्या से पुलिस को दो चार होना पड़ रहा है. पाकिस्तानी मूल के कई युवक शादी के बाद अपनी पत्नियों के साथ अच्छा समय नहीं बिता पाने के कारण बाहर कम उम्र की लड़कियों के साथ सामूहिक सेक्स में लिप्त हो रहे हैं.

कई बार कुछ लड़कियों के बलात्कार के भी मामले सामने आए हैं. मामला इतना गंभीर है कि पुलिस ने कुछ लोगों को इस मामले में गिरफ्तार भी किया है.

ब्रिटेन में सेक्स ग्रूमिंग यानी सेक्स के लिए तैयार किए जाने की बात नई लगती है लेकिन समस्या ने अब गंभीर रुप धारण कर लिया है. 14 साल की एक लड़की के साथ सेक्स ग्रूमिंग के नाम पर युवकों ने बलात्कार भी किया और परेशान भी.

वो बताती हैं, ‘‘पहली बार तो मुझे बुरा लगा. मुझे शर्म भी आई. शर्मिंदगी भी हुई लेकिन फिर रुटीन हो गया. कई लड़कों के साथ सोना पड़ता था. ये इतनी बार होता था और इतने लोगों के साथ सेक्स करना पड़ता था कि कुछ भी बुरा नहीं लगता था. आदत जैसी हो गई थी. मुझ पर इसका फ़र्क नहीं पड़ता था.’’

इस लड़की से जब ये पूछा गया कि क्या इस तरह की घटना हर दिन होती थी उनके साथ तो वो बोलीं, ‘‘ये सब करीब हर रोज़ ही होता था. पांच-पांच लोग होते थे. एक दिन में ही वो सब सेक्स किया करते थे. असल में बार वगैरह में कोई एक व्यक्ति होता था जिसके साथ जाते थे फिर किसी कमरे में या किसी जगह वो हमें और लोगों से मिलाते थे और फिर सब लोग सेक्स करते थे बारी-बारी से. हर दिन ऐसा ही होता था करीब-करीब.’’

"आपने अपने लाइफ पार्टनर को पहले नहीं देखा है. भाषा एक समस्या है. बातचीत नहीं हो पाती है ठीक से.शादी के कारण आपको रहना पड़ता है किसी के साथ. वो सेक्स के बारे में अपनी कल्पनाओं को साकार करना चाहते हैं जो कई बार अलग पृष्ठभूमि से आई पत्नियों के साथ संभव नहीं हो पाता"

अनीता, काउंसलर

असल में सेक्सुअल ग्रूमिंग एशियाई समुदाय में बढ़ती एक गंभीर समस्या है क्योंकि इस समुदाय में लड़कों की शादी अक्सर माता पिता की मर्जी से ज़बर्दस्ती कर दी जाती है. एशियाई समुदाय के साथ काम करने वाले काउंसलर्स और इमाम भी मानते हैं कि ये एक बड़ी समस्या बन चुकी है.

वेस्ट यार्कशर में सेक्सुअल ग्रूमिंग की समस्या से जूझते परिवारों के साथ काम करने वाली काउंसलर अनीता कहती हैं कि लड़के घर से बाहर सेक्स खोजते हैं क्योंकि वो घर में उस औरत से खुश नहीं होते जिनसे उनकी जबरन शादी हुई है.

अनीता बताती हैं, ‘‘आपने अपने लाइफ पार्टनर को पहले नहीं देखा है. भाषा एक समस्या है. बातचीत नहीं हो पाती है ठीक से.शादी के कारण आपको रहना पड़ता है किसी के साथ. स्कूल से लेकर हर जगह सेक्स इतना सामान्य हो गया है. सेक्स, मैगजीन, टीवी सब जगह है. वो सेक्स के बारे में अपनी कल्पनाओं को साकार करना चाहते हैं जो कई बार अलग पृष्ठभूमि से आई पत्नियों के साथ संभव नहीं हो पाता. फिर ऐसी लड़कियों की भी संख्या है जिनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि परेशानी वाली होती है तो वो ऐसे युवकों और मर्दों के साथ बाहर जाती हैं और सेक्स ग्रूमिंग में फंस कर रह जाती हैं.’’

ब्रैडफर्ड काउंसिल फॉर मास्क्स के महासचिव ज़ुल्फिकार करीम कहते हैं कि सेक्स ग्रूमिंग सिर्फ एशियाई लोगों की समस्या नहीं है बल्कि ज़रुरत है कि माता पिता अपने बच्चों की भी सुनें. उनकी ज़रुरतों को समझें न कि उनसे ज़बर्दस्ती करें.

करीम के अनुसार, ‘‘घर के भीतर ही बच्चों की सुरक्षा की ज़रुरत है. माँओं को बच्चों को सुरक्षित करना है. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस नस्ल के हैं किस देश के हैं. आप पर ज़िम्मेदारी है कि आप अपनी महिलाओं को सुरक्षित रखें. ये ज़िम्मेदारी तो निभानी होगी.’’

"घर के भीतर ही बच्चों की सुरक्षा की ज़रुरत है. माँओं को बच्चों को सुरक्षित करना है. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस नस्ल के हैं किस देश के हैं. "

जुल्फिकार करीम

मुद्दा गंभीर हो चुका है और ब्रैडफोर्ड इस्लामिक मिशन के इमाम मोहम्मद मुस्तकिम शाह कहते हैं कि इस मुद्दे पर पुलिस को सूचित करना भी परिवारों की ज़िम्मेदारी बनती है.

वो कहते हैं, ‘‘मुस्लिम होने के नाते ये हमारा कर्तव्य है कि आस-पास अगर कोई अपराध हो रहा है तो हम उसकी जानकारी पुलिस को दें. ये एक समुदाय के तौर पर हमारी धार्मिक और नैतिक ज़िम्मेदारी है कि हम इस किस्म के अपराधों को रोकें.’’

समाज में नित नए बदलाव होते रहते हैं और इसके दूरगामी परिणाम पड़ते हैं. सेक्सुअल ग्रूमिंग ने कई ज़िंदगियां बर्बाद की हैं तो साथ ही ये भी बताया है कि विवाह दो लोगों की मर्ज़ी से होना चाहिए वर्ना इसके परिणाम गंभीर होते हैं.

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