सीरिया में फिर 'नरसंहार' की ख़बरें

 गुरुवार, 7 जून, 2012 को 04:59 IST तक के समाचार

सीरिया में लगातार जारी हत्याओं से जनता का आक्रोश बढ़ता जा रहा है

सीरिया में विपक्षी कार्यकर्ताओं का कहना है कि सीरियाई सैनिकों ने हमा प्रांत में 86 लोगों की हत्या कर दी है, जिसमें कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं.

प्रांत के कुबेर और मारज़फ़ गांव से 20 से ज़्यादा बच्चे और 20 महिलाओं के मारे जाने की ख़बर है.

विपक्षी कार्यकर्ता इसे एक ‘नरसंहार’ बता रहे हैं. सरकारी टेलीविज़न का कहना है कि इलाके में चरमपंथियों पर हमले के बाद सैनिकों को कुछ शव वहां मिले.

इन दोनों दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि जल्द ही संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षक इस ख़बर की पुष्टि करेंगें.

ग़ौरतलब है कि दो हफ्ते पहले हाउला में 108 लोगों की मौत हो गई थी जिसके बाद कई पश्चिमी देशों ने सीरिया की कड़ी आलोचना की थी.

प्रत्यक्षदर्शियों ने सरकारी सैनिकों पर आरोप लगाया है जबकि सीरियाई सरकार हथियारबंद गुटों पर विदेशी सैन्य मदद लेने का आरोप लगा रही है.

आरोप-प्रत्यारोप

"उन्होंने गांव में मौजूद लगभग हर शख़्स को मार डाला. बहुत कम लोग अपनी जान बचा कर भागने में कामयाब हो पाए. लोगों पर बेरहमी से चाकू से वार किए गए और घृणित कर देने वाले तरीके से उन्हें मौत के घाट उतारा गया"

हमा में मौजूद एक कार्यकर्ता

बुधवार शाम को कार्यकर्ताओं के एक गुट ने कहा कि कुबैर और मारज़फ के इलाकों में भारी बमबारी हुई जो कि सैनिकों ने की थी.

उन्होंने इल्ज़ाम लगाया कि सरकारी सैनिकों ने लोगों पर सरे आम गोलियां चलाईं और कई लोगों पर चाकू से भी वार किया.

उनका कहना है कि मारे गए लोगों में दो साल से कम उम्र के बच्चें भी शामिल हैं और लोगों के शवों को घरों में इकट्ठा कर, घरों में आग लगा दी गई.

कुबैर और मारज़फ गांव हामा शहर से 20 किलोमीटर की दूरी पर हैं.

हामा में मौजूद एक कार्यकर्ता ने बीबीसी को बताया, “उन्होंने गांव में मौजूद लगभग हर शख़्स को मार डाला. बहुत कम लोग अपनी जान बचा कर भागने में कामयाब हो पाए. लोगों पर बेरहमी से चाकू से वार किए गए और घृणित कर देने वाले तरीके से उन्हें मौत के घाट उतारा गया.”

जबकि सीरिया के सरकारी टेलिविज़न पर अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि ये सैनिक लोगों की मदद के लिए वहां गए थे जिन्हें चरमपंथियों से खतरा था.

कोफी अन्नान का नया प्रस्ताव

सीरिया में जारी तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय दूत कोफी अन्नान सीरिया के लिए अपनी शांति योजना में कुछ नये प्रस्तावों पर विचार कर रहे हैं.

राजनयिकों का कहना है कि वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से एक नया सम्पर्क समूह बनाने के लिये कहेंगे ताकि हिंसा खत्म करने के प्रयासों में मदद मिले.

इस समूह में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य और प्रमुख क्षेत्रीय ताकतें शामिल होंगी.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि कोफी अन्नान को ईरान और तुर्की जैसे देशों को साथ लेने से सीरिया में राजनीतिक हस्तांतरण शुरू करने के प्रयास तेज करने में मदद मिलने की उम्मीद है.

लेकिन अमरीकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन पहले ही कह चुकी हैं कि इस प्रक्रिया में ईरान जैसे देशों को शामिल करने के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता है.

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