ड्रोन हमलों को खुद मंजूरी देते हैं बराक ओबामा

 गुरुवार, 31 मई, 2012 को 04:10 IST तक के समाचार

विशेषज्ञों का कहना है कि ड्रोन हमलों में महिलाओं और बच्चे भी मारे जाते हैं, अलकायदा लोगों को बदला लेने की बात कहकर अपने साथ जोड़ लेता है

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा संदिग्ध चरमपंथियों के खिलाफ प्रत्येक ड्रोन हमले की व्यक्तिगत रूप से मंजूरी देते हैं, ताकि वो इन हमलों में होने वाली मौतों की नैतिक जिम्मेदारी पूरी तरह से ले सकें.

ये सार है उस विस्तृत खबर का जो न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी है. इसमें कहा गया है कि जिन ठिकानों को निशाना बनाना होता है, उनकी पूरी सूची मंजूरी के लिए बराक ओबामा के पास जाती है.

राष्ट्रपति बराक ओबामा ड्रोन को 'सिल्वर बुलेट' के तौर पर देखते हैं जो सैन्य ताकत के इस्तेमाल की अमरीकी क्षमता और नैतिकता के बारे में कुछ जटिल समस्याओं का समाधान करती है. विशेषज्ञ कहते रहे हैं कि ये धारणा गलत है.

ओबामा की ड्रोन नीति

न्यूयॉर्क टाइम्स ने राष्ट्रपति के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार टॉम डोनिलोन के हवाले से लिखा है, ''वे तय करते हैं कि ये अभियान कब तक चलेंगे और कितने व्यापक होंगे.''

वहीं व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जे कार्नी कहते हैं कि वे ड्रोन हमलों के बारे में निर्णय लेने की प्रक्रिया पर चर्चा नहीं करेंगे.

इस पूरी प्रक्रिया को एकदम गोपनीय बताया गया है, लेकिन व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि इन हमलों में आम नागरिक न मारे जाएं, इसके लिए असाधारण उपाय किए जाते हैं.

अमरीकी ड्रोन विमान यमन, सोमालिया और पाकिस्तान में अल कायदा के ठिकानों को निशाना बनाते रहे हैं. आलोचकों का कहना है कि ये हमले कानूनी, राजनीतिक और नैतिक सवाल भी खड़े करते हैं.

विशेषज्ञों का कहना है कि ड्रोन हमलों में महिलाएँ और बच्चे भी मारे जाते हैं, अल कायदा लोगों को बदला लेने की बात कहकर अपने साथ जोड़ लेता है.

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