
लॉकरबी हादसे में मेगराही एकमात्र दोषी करार दिए गए थे.
वर्ष 1988 में हुए लॉकरबी विमान बम हादसे के एकमात्र अभियुक्त अब्दुल बसत अल-मेगराही की लीबिया की राजधानी त्रिपोली स्थित उनके आवास पर मृत्यु हो गई है.
स्कॉटलैंड के लॉकरबी नामक स्थान पर हुए इस हादसे में 270 लोगों की मौत हो गई थी.
साठ वर्षीय मेगराही को साल 2001 में नीदरलैंड की एक अदालत ने इस मामले में दोषी ठहराया था.
उन्हें साल 2009 में स्कॉटलैंड की जेल से सहानुभूति के आधार पर रिहा कर दिया गया था क्योंकि वे कैंसर से जूझ रहे थे और कहा जा रहा था कि वे अब कुछ ही महीने जिंदा रहेंगे.
लीबिया की राजधानी त्रिपोली वापस लौटने पर उनका एक नायक की तरह से स्वागत किया गया.
पीड़ितों में गुस्सा
उनकी रिहाई ने लॉकरबी हादसे में पीड़ितों के रिश्तेदारों को क्रोध से पागल कर दिया था.
मेगराही के भाई अब्दुल हकीम ने बताया कि उनका स्वास्थ्य तेजी से गिर रहा था और रविवार को त्रिपोली में घर पर ही उनकी मृत्यु हो गई.
मेगराही लीबिया की खुफिया विभाग के अधिकारी थे और उन्होंने हमेशा इस घटना की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया.
अल मेगराही को अमरीका की पैनएम विमान सेवा के एक विमान में बम रखने का दोषी पाया गया था.
सबसे बड़ी चरमपंथी घटना
ब्रिटेन की धरती पर ये तब तक की सबसे बड़ी चरमपंथी घटना थी.
जाँचकर्ताओं को हादसे के बाद मिले अवशेषों से मेगराही तक पहुँचने में मदद मिली थी.
इस मामले में मेगराही और एक अन्य लीबियाई अल अमीन खलीफा फिमाह को स्कॉटलैंड और अमरीकी अदालतों ने 1991 अभियुक्त करार दिया था.
लेकिन लीबिया इन दोनों को प्रत्यर्पित करने से इनकार कर दिया था.
लेकिन बाद में बातचीत के बाद लीबिया दोनों को स्कॉटलैंड के कानून के तहत सुनवाई के लिए सौंपने को तैयार हो गया.
दोनों लोगों के मामलों की सुनवाई साल 2000 में शुरू हुई जिसमें फिहाम को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया, लेकिन मेगराही को दोषी करार दिया गया है और उन्हें कम से कम 27 साल तक जेल में रहने की सजा सुनाई गई.










