बढ़ती बेरोजगारी का इलाज, 50 के बाद 'टाटा'

 शुक्रवार, 27 अप्रैल, 2012 को 11:32 IST तक के समाचार

अमरीका में भी बेरोजगारी बढ़ती जा रही है

एक अनुमान के अनुसार अगले दस वर्षों में दुनिया भर के एक अरब 20 करोड़ युवा नौकरी की तलाश में होंगे लेकिन सिर्फ 30 करोड़ नौकरियां हीं बाजार में होंगी.

जाहिर है हजारों लोग रोजाना यही बात सोचते रहते हैं कि इतनी बड़ी समस्या का समाधान कैसे ढूंढा जाए.

लेकिन फाइनांशियल टाइम्स की पत्रकार लूसी केलावे के अनुसार इस समस्या का एक बहुत ही आसान इलाज है और ये कि पचास साल से ज्यादा उम्र के सभी कर्मचारियों को इस्तीफा दे देना चाहिए ताकि युवाओं को नौकरी मिल सके.

लूसी कहती हैं कि पिछले कुछ महीनों से उनके मन में ये ख्याल आ रहे थे खासकर नौकरी की तलाश में इधर-उधर भटकने वाले 20 और 30 साल की उम्र वाले युवाओं से मिलने के बाद उनकी की ये धारण और भी मजबूत हुई है.

लूसी के मुताबकि नौकरी के लिए आने वाले युवाओं को वो कुछ-कुछ कह कर समझाती हैं लेकिन उसकी असल वजह ये है कि अगर उन युवाओं को इसलिए नौकरी नहीं मिल सकती क्योंकि उस नौकरी को वो खुद कर रहीं है.

कुर्सी से चिपके हैं लोग

लूसी कहती है कि ये मामला सिर्फ उनकी नौकरी का नहीं है बल्कि ये समस्या तो हर जगह है.

युवाओं को या तो नौकरी नहीं मिल रही या फिर नौकरी है भी तो उनको तरक्की नहीं मिल रही क्योंकि ऊपर के पदों पर वरिष्ठ लोग क़ब्जा जमाए हुए हैं.

लूसी की समझ से इसका सिर्फ एक ही इलाज है और ये कि ज्यादा उम्र के लोगों को नौकरी से हट जाना चाहिए.

लूसी के अनुसार 50 साल से अधिक उम्र वाले कर्मचारियों को इस्तीफा दे देना चाहिए.

लूसी ये भी कहती है कि इसका ये मतलब नहीं कि वो खुद इस्तीफा दे रहीं है लेकिन उनकी नजर में बढ़ती बेरोजगारी को दूर करने का यही इलाज है.

उनके अनुसार दो ही विकल्प हैं यो तो करियर की शुरूआत में लगभग एक दशक नौकरी की तलाश में बर्बाद किया जाए या फिर करियर के अंतिम दिनों में नौकरी नहीं की जाए.

युवा और ऊर्जा

लूसी के अनुसार शुरूआती दौर में युवाओं के पास ज्यादा ऊर्जा होती है इसलिए उस समय उनसे काम ना लेना संसाधन की बर्बादी है.

वो कहती है कि वैसे भी उनकी पीढ़ी के लोगों की जिंदगी ज्यादा बेहतर रही है.

उनके अनुसार उन लोगों ने सस्ते दामों पर घर खरीद लिए, मुफ्त शिक्षा हासिल की, नौकरी से सेवानिवृत्त होने पर पेंशन मिलती हैं. उनके अनुसार उनकी पीढ़ी के लोगों ने काफी मजे किए हैं इसलिए अब समय आ गया है कि वे लोग इस समाज को कुछ लौटाएं.

लूसी के अनुसार उनके इस सुझाव का आर्थिक पहलू भी है. वरिष्ठ अधिकारियों की जगह अगर नए लोगों को नौकरी पर रखा जाएगा तो उनकी तनख्वाह भी कम होगी.

उनके अनुसार अधिक वेतन पाने वाले सारे अधिकारियों की उम्र 50 से ज्यादा होती है इसलिए अगर उनको इस्तीफा देने से कर्मचारियों के वेतन में होने वाले खर्च में भारी कमी आ जाएगी.

लूसी के अनुसार उन्होंने इस बारे में अपने कई साथियों से विचार विमर्श किया लेकिन उनके इस सुझाव से शायद कोई सहमत नहीं लगता.

लूसी के साथी कहते हैं कि इससे अनुभव का नुकसान होगा और उच्च पदों पर बैठे लोग वहां अपनी काबलियत के कारण है और उन्हें वहां से हटाना बेवकूफी होगी.

लूसी आखिर में कहती हैं कि उनके साथियों के तर्क भी कुछ हद तक सहीं हैं लेकिन जाहिर हैं बहुत सारे युवा लोग भी काफी प्रतिभाशाली हैं.

इसके लिए भी वे एक रास्ता निकालने की कोशिश करती है. लूसी के अनुसार उनके सुझाव में थोड़ा सा बदलाव कर अधिक उम्र वाले कुछ अत्यधिक प्रतिभाशाली व्यक्तियों को काम करते रहने दिया जा सकता है.

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