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शाहरुख मामले पर भारत ने कहा माफी काफी नहीं

 शुक्रवार, 13 अप्रैल, 2012 को 15:15 IST तक के समाचार

इससे पहले भी शाहरुख खान को अमरीका के एक हवाई अड्डे पर रोका गया था.

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को अमरीका के न्यू यॉर्क शहर के हवाई अड्डे पर गुरुवार को करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ के लिए रोका गया. अमरीका ने इस पर शुक्रवार को भारतीय दूतावास को भेजे एक पत्र में 'अत्यंत खेद' जताया है.

भारत ने इस मामले को गंभीरता से लिया है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा, ''पहले रोका जाना और फिर माफी अमरीका की एक आदत बन गई है. यह जारी नहीं रह सकता.''

एजेंसी के मुताबिक कृष्णा ने अमरीका में भारत की दूत निरुपमा राव को इस मुद्दे पर अमरीकी अधिकारियों से चर्चा करने को कहा है.

शाहरुख एक चार्टर विमान से नीता अंबानी के साथ न्यू यॉर्क के बाहरी इलाके में बने व्हाइट प्लेन हवाई अड्डे पर पहुंचे थे.

उन्हें येल विश्वविद्यालय ने अपना सर्वोच्च सम्मान, चब फेलोशिप, देने के लिए अमरीका बुलाया था.

बाद में वहां भाषण देते हुए शाहरुख ने बताया कि उन्हें हवाई अड्डे पर रोका गया और पूछताछ की गई. मुस्कुराते हुए उन्होंने छात्रों से कहा, "जब भी मुझे हवाई अड्डे पर रुकना हो मुझे अमरीका आ जाना चाहिए."

शाहरुख ने हंसते हुए कहा, "मुझसे पूछा गया कि मेरा कद कितना है और मैंने झूठ बोला की मैं पांच फीट दस इंच लंबा हूं, फिर पूछा गया कि मेरा रंग कैसा है, मैंने फिर झूठ बोला कि मैं गोरा हूं."

पहले भी रोका गया

"पहले रोका जाना और फिर माफी अमरीका की एक आदत बन गई है. यह जारी नहीं रह सकता."

भारतीय विदेश मंत्री एसएम कृष्णा

इससे पहले वर्ष 2009 के अगस्त महीने में भी शाहरुख खान को अमरीका के एक हवाई अड्डे पर रोका गया था.

तब वे शिकागो में शो करने के लिए वहां पहुंचे थे. उन्हें न्यू जर्सी के न्यूआर्क हवाई अड्डे पर करीब दो घंटे तक रोका गया था.

तब न्यू यार्क में भारतीय दूतावास की मदद से ही पूछताछ खत्म की गई थी.

न्यू यार्क में बीबीसी संवाददाता सलीम रिजवी के मुताबिक, ताजा वाक्ये में येल विश्वविद्यालय के हस्तक्षेप के बाद शाहरुख हवाई अड्डे से निकल पाए.

येल विश्वविद्यालय की चब फेलोशिप से सम्मानित लोगों में अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश, रोनाल्ड रीगन और जिमी कार्टर जैसी हस्तियां शामिल हैं.

शाहरुख इस सम्मान से नवाजे जाने वाले दूसरे भारतीय हैं. इससे पहले तमिलनाडू के मुख्यमंत्री रह चुके सी एन अन्नादुरई को ये सम्मान दिया गया था.

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