
ब्रिटेन में लिंगभेद के कारण गर्भपात कराने की हाल में कई खबरें आई हैं.
ब्रिटेन के स्वास्थ्य विभाग ने उन दावों की जांच शुरू कर दी है जिसमें कहा गया था कि ब्रिटेन के कुछ डॉक्टरों ने लिंगभेद के आधार पर गर्भपात करवाने के लिए हामी भरी है.
ये आरोप एक ब्रितानी अख़बार 'द डेली टेलीग्राफ' द्वारा किए गए एक गुप्त अभियान के बाद लगाया गए थे.
अख़बार ने अलग-अलग मूल की चार गर्भवती महिलाओं को कई क्लीनिकों में लिंग परीक्षण के बाद गर्भपात करवाने के लिए भेजा और पाया कि ऐसा करने के लिए तीन क्लीनिक राज़ी हो गए.
ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री एंड्रयू लान्सले ने इन आरोपों पर चिंता जा़हिर की थी. उनके मुताबिक लिंग परीक्षण नैतिक और कानूनी तौर पर गलत हैं और इसकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं.
उन्होंने कहा, मैं इन आरोपों को सुनकर बेहद चिंतित हूं. मैंने अपने विभाग के अधिकारियों से कह दिया है कि मामले की तत्काल जांच करें.
"मैं इन आरोपों को सुनकर बेहद चिंतित हूं. मैंने अपने विभाग के अधिकारियों से कह दिया है कि मामले की तत्काल जांच करें"
एंड्रयू लेंस्ले, ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री
ब्रिटेन के स्वास्थ्य विभाग का ये भी कहना है कि वो मेडिकल काउंसिल से सभी निजी क्लीनिकों की जांच के लिए कहेगा और गर्भपात करने वाले क्लीनिकों को उनकी जिम्मेदारी समझने की हिदायत भी देगा.
टेलीग्राफ अखबार ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि डाक्टरों ने ये स्वीकार किया कि वे कागजी कार्रवाई में हेरा-फेरी के लिए तैयार रहते हैं ताकि इस मामले में किसी कानूनी पचड़े में न पड़ना पड़े.
अखबार के मुताबिक खुफिया रिपोर्टर गर्भवती महिलाओं को अपने साथ लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों के नौ क्लीनिकों में गए.
इनमें से तीन मामलों में तो डॉक्टरों की ये बातचीत रिकॉर्ड भी की गई है जिनमें महिलाएं लैंगिक वजहों से गर्भपात कराना चाहती थीं और डॉक्टर उसके लिए तैयार थे.
एनएचएस फाउंडेशन के चेल्सी और वेस्टमिंन्स्टर हॉस्पिटल ने एक बयान जारी कर कहा है, हमारे एक डॉक्टर पर जो ये आरोप लगे हैं वे बेहद गंभीर हैं और हम इस मामले की जांच प्राथमिकता के आधार पर कर रहे हैं.
वहीं एक अन्य क्लीनिक का कहना है कि उसने आरोप में घिरे डॉक्टर को निलंबित कर दिया है.
कानून
इंग्लैंड, वेल्स और स्कॉटलैंड में कुछ शर्तों के साथ गर्भधारण के चौबीस हफ्तों के भीतर गर्भपात की अनुमति है. वो भी तब जबकि इससे गर्भवती महिला की जान को कोई खतरा है या फिर बच्चे के लिए किसी खतरे की आशंका होती है.
इसके लिए भी कम से कम दो डॉक्टरों की सहमति जरूरी होती है. या फिर आपात स्थिति में एक डॉक्टर की स्वीकृति से भी ऐसा किया जा सकता है.
वहीं ब्रिटेन में कई अन्य डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह की घटना बेहद चौंकाने वाली है और लिंग के आधार पर गर्भपात कराने को किसी कीमत पर इजाजत नहीं दी जा सकती.
ब्रिटेन में एक महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. गिलियन लॉकवुड का कहना है, "कई बार ऐसे भी मामले आते हैं जिनमें लोग परिवार में एक लड़की और एक लड़का चाहता हैं. ऐसा न होने पर ये लोग लड़का होने पर भी गर्भपात कराते हैं."
वहीं कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद नेदीन डॉरिस ने सरकार से ये मांग की है कि ऐसे मामलों में गर्भपात कराने वाली महिलाओं को स्वतंत्र सलाहकार उपलब्ध कराना चाहिए जो कि इस बारे में उन्हें शिक्षित कर सके.

















