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'न्यूयॉर्क पुलिस रख रही थी मुसलमानों पर नज़र'

 बुधवार, 22 फ़रवरी, 2012 को 16:53 IST तक के समाचार
वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का मलबा, न्यूयॉर्क

न्यूयॉर्क में 9/11 आतंकवादी हमलों के बाद अमरीका में नस्ली हिंसा बढ़ी है.

एसोसिएटिड प्रेस यानि एपी समाचार एजेंसी को मिली एक रिपोर्ट के अनुसार न्यूयॉर्क पुलिस विभाग की एक कार्रवाई के तहत अमरीका के न्यू जर्सी राज्य के सबसे बड़े शहर में रहने और काम करने वाले अमरीकियों पर नज़र रखी जा रही थी.

इस कार्रवाई के ज़रिए न्यूयॉर्क पुलिस विभाग यानि एनवाईपीडी एक ऐसा डाटाबेस बनाने की कोशिश कर रहा था जिसमें मुसलमानों के काम, खरीदारी और प्रार्थना आदि की जगहों का लेखा-जोखा हो.

न्यूअर्क शहर में की गई ये कार्रवाई इतनी गोपनीय थी कि शहर के मेयर का कहना है कि उन्हें भी इस बारे में नहीं बताया गया था.

गोपनीय कार्रवाई

समाचार एजेंसी एपी को मिली रिपोर्ट के मुताबिक साल 2007 में कई महीनों तक एनवाईपीडी के जनसाँख्यिकी यानी डेमोग्राफिक्स इकाई के सादी वर्दी वाले अधिकारियों ने न्यूअर्क में ऐसे व्यवसायों की तस्वीरें खींची और बातचीत को सुना जिनके मालिक या तो मुसलमान थे या जहां मुसलमानों का ज़्यादा जाना होता था.

इसके बाद 60 पन्नों की एक रिपोर्ट तैयार हुई जिसमें सभी व्यवसायों और उनके ग्राहकों के बारे में संक्षेप में जानकारी थी. पुलिस ने 16 मस्जिदों की तस्वीरें भी ली.

रिपोर्ट में कहीं भी आतंकवाद और आपराधिक व्यवहार के बारे में बात नहीं की गई है. एपी को मिले कथित कागजात दिखाते हैं कि पुलिस की दिलचस्पी केवल ये जानने में थी कि न्यूअर्क में रहने वाले मुसलमान ज़्यादातर कहाँ जाते हैं या रहते हैं या क्या करते हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक ये कार्रवाई न्यूअर्क पुलिस विभाग के साथ मिलकर की गई थी. उस वक्त न्यूअर्क पुलिस विभाग के अध्यक्ष न्यूयॉर्क पुलिस के एक पूर्व उच्च अधिकारी थे.

अमरीकी मुसलमान

न्यूयॉर्क पुलिस अपने अधिकारक्षेत्र से बाहर न्युअर्क शहर के मुसलमानों के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रही थी.

लेकिन शहर के मेयर, कोरी बुकर, का कहना था कि उन्होंने इस तरह की जासूसी के लिए कोई निर्देश नहीं दिए थे और उन्हें इस बारे में कभी बताया नहीं गया.

पुलिस रिकॉर्ड दिखाते हैं कि एनवाईपीडी ने ऐसी ही कार्रवाई अपने अधिकारक्षेत्र से बाहर न्यू यॉर्क के सफ़ोक और लॉन्ग आईलैंड के नसाउ काउंटी में भी की.

एनवाईपीडी के मौजूदा और पूर्व अधिकारियों ने इस रिपोर्ट के बारे में टिप्पणी मांगे जाने पर, संदेश का कोई जवाब नहीं दिया.

मुसलमानों का डाटाबेस

किसी भी और जनसाँख्यिकी इकाई की रिपोर्ट की ही तरह इस रिपोर्ट का उद्देश्य भी पुलिस को मुसलमान इलाकों के बारे में जानकारी मुहैया कराना था.

मसलन अगर पुलिस को पता चलता है कि किसी इलाके में मिस्र का एक आतंकवादी है, तो वे तुरंत ये जानना चाहते थे कि उस आतंकवादी को कहाँ कम किराये पर कमरा मिल सकता है, वो कहाँ खाने के लिए जा सकता है या वो किस मस्जिद में नमाज़ पढ़ने जा सकता है.

एपी को मिली रिपोर्ट के अनुसार लोगों के बारे में जानकारी के तौर पर कई बार सिर्फ़ व्यक्ति का नाम या उसका कारोबार या फिर वो किस देश का है यही लिखा गया था.

एक जगह एक पुलिस अधिकारी ने बताया है कि वो लोगों को सहज महसूस कराने के लिए उनसे पंजाबी या उर्दू में बात करता था.

रिपोर्ट में एक जगह इस बात का भी ज़िक्र है कि न्यूअर्क में सबसे बड़े अप्रवासी गुट पुर्तगाल और ब्राज़ील से हैं. लेकिन न तो इन लोगों के व्यवसायों और न ही इनके गिरजाघरों की तस्वीरें ली गई.

एपी द्वारा न्यूअर्क के मेयर कोरी बुकर को ये रिपोर्ट दिखाए जाने के बाद मेयर ने कहा कि उनके दफ़्तर ने इस बारे में जांच शुरु कर दी है.

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