
लीबिया में करवाए गए एक मतसर्वेक्षण के मुताबिक पांच में चार लोग मानते हैं कि उनका देश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है.
ये सर्वेक्षण 2011 के अंत में लीबिया के तीन बड़े शहरों में करवाया गया था- त्रिपोली, बेनगाज़ी और मिसराता.
मतसर्वेक्षण के नतीजे ऐसे समय आए हैं जब कर्नल गद्दाफ़ी के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन शुरु होने की पहली वर्षगाँठ आने वाली है.
जिन लोगों से बात की गई है उनमें से 85 फ़ीसदी ने गद्दाफ़ी शासन को ख़त्म करने के लिए ख़िलाफ़ उठाए गए कड़े क़दमों का समर्थन किया.
सर्वेक्षण में पाया गया कि ज़्यादातर लीबियाई इस बात को लेकर स्पष्ट है कि उनके सामने कौन सी चुनौतियाँ हैं.
देश में सुरक्षा और विद्रोहियों के हथियार डलवाना लोगों की प्राथमिकता में सबसे आगे हैं. पिछले कुछ दिनों में त्रिपोली के पास कई जगह हिंसक झड़पें हुई हैं.
'सरकार कारगर'
ओपिनियन पोल में दो तिहाई लोगों का मानना था कि राष्ट्रीय अस्थाई सरकार लोगों की ज़िंदगी बेहतर बनाने में कारगर साबित हुई है.
हालांकि सर्वेक्षण में ये भी सामने आया कि मीडिया तक पहुंच सब जगह नहीं है.
ज़्यादातर लीबियाई लोगों के पास मोबाइल फ़ोन है और वे हर रोज़ टीवी देखते हैं लेकिन 39 फ़ीसदी लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने कभी अख़बार नहीं पढ़ा और 43 फ़ीसदी इंटरनेट इस्तेमाल नहीं करते.
इस बात पर भी ज़्यादातर लोग एकमत थे कि लीबिया में चले अभियान के बाद ब्रिटेन की छवि बेहतर हुई है.
फ़्रांस और ब्रिटेन ने मिलकर लीबिया अभियान में मुख्य भूमिका निभाई थी.

















