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सुरक्षा परिषद में जाएगा सीरियाई विपक्षी गुट

 रविवार, 29 जनवरी, 2012 को 03:13 IST तक के समाचार

फ़्री सीरिया आर्मी का कहना है कि वह उन लोगों की हिफ़ाज़त कर रही है जिनकी जान को असद सरकार से ख़तरा है

सीरिया में बशर अल असद की सरकार के विरोधियों के ख़िलाफ़ जारी हिंसा के बीच मुख्य विपक्षी गुट सीरियन नेशनल काऊंसिल ने घोषणा की है कि वह रविवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से सुरक्षा की मांग करेगा.

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि ताज़ा हिंसक घटनाओं में तीस लोग मारे गए हैं. सरकार के प्रदर्शनकारियों और विरोधियों के ख़िलाफ़ बल प्रयोग के दौरान पिछले दो दिनों में 120 लोग मारे गए थे.

मृतकों में कई ऐसे सैनिक भी शामिल हैं जो सरकारी फ़ौज को छोड़ विद्रोहियों के साथ शामिल हो गए थे.

"स्पष्ट है कि पिछले लगभग 10 दिन में सीरिया में हिंसा बढ़ी है. विद्रोहियों को आतंकवादी बताकर सेना ने अपना अभियान शुरु किया है. विद्रोहियों की फ़्री सीरिया आर्मी का कहना है कि वह उन लोगों की हिफ़ाज़त कर रही है जिन्हें सरकार जान से मार सकती है"

बीबीसी संवाददाता जेरेमी बोवेन

उधर शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सीरिया पर एक प्रस्ताव के मसौदे पर चर्चा की जिसका मक़सद देश में कई महीनों से फैली हिंसा को ख़त्म करना है.

इस प्रस्ताव के मसौदे में अरब लीग की उस योजना का अनुमोदन किया गया जिसमें राष्ट्रपति बशर अल असद से सत्ता छोड़ देने का आग्रह किया गया है.

सीरिया में पिछले लगभग 40 साल से सत्ता में बने हुए असद परिवार के खिलाफ़ कई महीनों से प्रदर्शन हो रहे हैं.

प्रदर्शनकारी राजनीतिक सुधार, लोकतांत्रिक सरकार के गठन और बशर अल असद के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं.

असद के नेतृत्व वाली सरकार ने सेना के ज़रिए प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ बल प्रयोग किया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इसकी निंदा भी की है.

समर्थन नहीं पर चर्चा करें: रूस

विद्रोहियों की गतिविधियों के जवाब में सीरिया के गृह मंत्री ने कहा है कि सुरक्षा बल क़ानून का उल्लंघन करने वालों और 'सेना के भगोड़ों का सफ़ाया' करने के बारे में प्रतिबद्ध है.

इस्तांबुल में वार्ता के बाद खाड़ी देशों के विदेश मंत्रियों ने सीरिया में तत्काल हिंसा ख़त्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों की अपील की है.

सीरिया में विद्रोही असद के इस्तीफ़े और लोकतांत्रिक चुनावों की मांग रहे हैं

बेरूत में मौजूद बीबीसी संवाददाता जेरेमी बोवेन के अनुसार, "स्पष्ट है कि पिछले लगभग 10 दिन में सीरिया में हिंसा बढ़ी है. विद्रोहियों को आतंकवादी बताकर सेना ने अपना अभियान शुरु किया है. विद्रोहियों की फ़्री सीरिया आर्मी का कहना है कि वह उन लोगों की हिफ़ाज़त कर रही है जिन्हें सरकार जान से मार सकती है."

उधर अरब लीग ने अपने निरीक्षकों का काम रोक दिया है और बीबीसी संवाददाता के अनुसार ये असद पर दबाव बनाने के एक प्रयास है.

अगले हफ़्ते सीरिया पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव पर मतदान होना है.

रूस ने कहा है कि वह इस प्रस्ताव के कई हिस्सों का समर्थन नहीं कर सकता लेकिन उस पर चर्चा होने से उसे कोई आपत्ति नहीं है.

रूस को चिंता है कि यदि सीरिया में कोई विदेशी दख़ल होता है तो वहाँ सांप्रदायिक हिंसा और गृह युद्ध छिड़ सकता है.

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