
जापान जल्द ही ईरान से तेल का आयात कम करेगा
जापान के वित्तमंत्री जुन अज़ूमी ने कहा है कि जापान जल्द ही ईरान से तेल का आयात कम करेगा.
अज़ूमी का ये बयान अमरीकी विदेश मंत्री टिमोथी गाइथनर के साथ हुई एक बैठक के ठीक बाद आया है.
टिमोथी गाइथनर इन दिनों ईरान के परमाणु कार्यक्रम के ख़िलाफ़ समर्थन हासिल करने के लिए एशियाई देशों के दौरे पर हैं. अमरीका इस समर्थन का इस्तेमाल ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने के लिए करना चाहता है.
गाइथनर इससे पहले ईरान के विरुद्ध इसी तरह का समर्थन हासिल करने के लिए चीन गए थे जहाँ की सरकार ने अमरीका की माँगों को एकतरफ़ा और अनुचित बताकर मानने से इनकार कर दिया था.
जापान अब तक अपनी ज़रुरत के दस प्रतिशत तेल का आयात ईरान से करता आया है.
जापान में तेल की आपूर्ति बेहद ज़रुरी है क्योंकि फ़ुकुशिमा के परमाणु संकट के कारण, वहाँ बिजली उत्पादन के लिए वे मुख्य तौर पर थर्मल पावर पर ही निर्भर है.
लेकिन अमरीकी वित्त मंत्री टिमोथी गाइथनर से मुलाक़ात के बाद जापान ने ईरान से आयात कम करने की घोषणा की है.
जुन अज़ूमी ने कहा है कि ये प्रक्रिया जल्दी ही और विभिन्न चरणों में पूरी की जाएगी.
चिंतित अमरीका
तेहरान के परमाणु कार्यक्रम और उसके 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़' को बंद करने की धमकी से चिंतित अमरीका अब ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने की कोशिश में है.
टोक्यो स्थित बीबीसी संवाददाता रोलैंड बर्क के अनुसार अमरीका उन विदेशी वित्तीय संस्थानों पर भी रोक लगाने की योजना बना रहा है, जिनके ईरान के सेंट्रल बैंक के साथ तो व्यापारिक रिश्ते हैं. सेंट्रल बैंक ही ईरान से तेल ख़रीदने से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करता है.
जापान चाहता है कि अगर वह ईरान से तेल का आयात कम करता है तो उसके बैंकों को कुछ छूट मिलनी चाहिए और उन पर पूरी तरह प्रतिबंध नहीं लगना चाहिए.
ईरान से तेल का आयात कम होने की सूरत में जापान अपने बैंकों को पूरी तरह से बंद करने के बजाय उनके लिए छूट दिलवाने की कोशिश में लगा है.
दूसरी तरफ जापान के विदेश मंत्री कोईचेरो गेंबा खाड़ी देशों की यात्रा पर हैं जहाँ वे अरब मूल के देशों से अपील कर रहे हैं कि वे तेल का निर्यात बढ़ाएँ जिससे ईरान पर प्रतिबंध की सूरत में होने वाली कमी पूरी की जा सके.

















