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सैन्य रणनीति पर चीन ने अमरीका को चेताया

 शुक्रवार, 6 जनवरी, 2012 को 22:55 IST तक के समाचार

चीनी समाचार एजेंसी ने अमरीकी रक्षा नीति के प्रति चेतावनी दी है

चीन की सरकारी मीडिया ने एशिया प्रशांत क्षेत्र में सैन्य शक्ति बढ़ाने संबंधी अमरीकी दिलचस्पी को लेकर उसे चेतावनी दी है.

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने अपने संपादकीय में लिखा है कि इस क्षेत्र में अमरीकी उपस्थिति बढ़ाने संबंधी राष्ट्रपति बराक ओबामा का क़दम स्थिरता और समृद्धि के लिहाज़ से स्वागत योग्य है.

लेकिन इसमें आगे लिखा है कि यदि अमरीकी सैन्य गतिविधि बढ़ती है तो यह शांति के लिए ख़तरा पैदा कर सकती है.

ओबामा की यह भी योजना है कि 450 बिलियन डॉलर की कटौती करके सैनिकों की संख्या को कम किया जाए.

रक्षा बजट में इस साल के अंत तक 500 अरब डॉलर की और कटौती हो सकती है क्योंकि अमरीकी कांग्रेस में पिछले साल अगस्त में कर्ज़ माफ़ी के ज़रिए घाटे में कटौती संबंधी प्रस्ताव पर आम सहमति नहीं बन पाई थी.

शिन्हुआ

शिन्हुआ के मुताबिक चीन में आर्थिक विकास को जारी रखने के लिए ज़रूरी शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखाने के लिए इस क़दम के ज़रिए अमरीका अच्छी भूमिका निभा सकता है.

लेकिन समाचार एजेंसी ने चेतवानी भी दी है कि एशिया प्रशांत क्षेत्र में सैन्य मौजूदगी को बढ़ाकर अमरीका को शक्ति प्रदर्शन से बचना होगा, क्योंकि इस क़दम से क्षेत्रीय विवादों को सुलझाने में मदद नहीं मिलेगी.

संपादकीय के अनुसार ‘यदि अमरीका इस क्षेत्र में ग़ैर ज़िम्मेदाराना तरीक़े से सैन्यीकरण का मार्ग अपनाता है तो ये ऐसे ही होगा जैसे चीन की किसी दुकान में कोई बैल हो. साथ ही, ये क़दम क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ाने के बजाय शांति के लिए ख़तरा साबित होगा.’

"यदि अमरीका इस क्षेत्र में ग़ैर ज़िम्मेदाराना तरीक़े से सैन्यीकरण का मार्ग अपनाता है तो ये क़दम क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ाने के बजाय शांति के लिए ख़तरा साबित होगा."

शिन्हुआ, चीन की सरकारी समाचार एजेंसी

बीबीसी के एशिया मामलों के जानकार चार्ल्स स्कैनलॉन का कहना है कि एशिया की ओर अमरीकी दिलचस्पी के फ़ैसले से चीनी नेताओं को कोई आश्चर्य नहीं हुआ होगा.

उनके मुताबिक, दरअसल ये वैसा ही है जैसे कि बीजिंग में बैठे किसी व्यक्ति को लगेगा कि जैसे ये चीन की बढ़ती शक्ति को रोकने के लिए ऐसा किया गया है.

हालांकि इस मामले में चीन की ओर से कोई सरकारी प्रतिक्रिया नहीं आई है.

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