दूसरे दिन भी नहीं हो सका अधिग्रहण

पॉस्को का विरोध

स्थानीय लोग अपनी ज़मीन देने से इनकार कर रहे हैं

पोस्को परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का काम शनिवार को बारिश के कारण लगातार दूसरे भी शुरू नहीं हो पाया.

हालांकि पोस्को विरोधियों का गढ़ माने जाने वाले ढिंकिया पंचायत के गोबिंदपुर गाँव की सीमा पर अब भी सैंकड़ों लोग प्रशासन के प्रवेश को रोकने के लिए डटे हुए हैं.

दूसरी तरफ धरने के स्थान से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर पुलिस की छह टुकड़ियां मौजूद हैं.

पोस्को विरोधियों के प्रति समर्थन प्रकट करने के लिए स्वामी अग्निवेश इलाके में पहुंचे हुए हैं.

शुक्रवार को भुवनेश्वर पहुँचने के बाद अग्निवेश ने कहा कि अगर लोग अपनी ज़मीन नहीं देना चाहते तो सरकार को ज़बरदस्ती नहीं करनी चाहिए.

सरकार अभी यह तय नहीं कर पाई है कि गोबिंदपुर कि सीमा पर पहरा दे रहे लोगों को हटाने के लिए पुलिस बल का प्रयोग किया जाए या नहीं.

स्वामी अग्निवेश के अलावा कांग्रेस का एक प्रतिनिधि मंडल भी विरोधियों को समर्थन देने ढिंकिया पहुँच रहा है. वाम दलों सहित पांच विरोधी पार्टियाँ पहले से ही आंदोलन का समर्थन कर रही हैं.

क्या है वजह

गौरतलब है कि 18 मई से शुरू हुए भूमि अधिग्रहण का काम पिछले शनिवार से 'रज' पर्व की छुट्टियों के लिए बंद था.

छुट्टियों के बाद शुक्रवार को अधिग्रहण का काम दोबारा शुरू होना था, लेकिन बारिश के कारण काम नहीं हो पाया.

आज भी सुबह से ही इलाके में हल्की बूंदा-बांदी होती रही है. हालाँकि अभी इसकी औपचारिक रूप से घोषणा नहीं हुई है, लेकिन शनिवार को काम पूरा होने की संभावना कम ही नज़र आ रही है.

जगतसिंह के ज़िलाधीश नारायण चन्द्र जेना अपने बेटे की शादी के लिए सोमवार तक छुट्टी पर हैं और उनकी गैरहाज़री में दूसरे अधिकारी पुलिस बल के प्रयोग के बारे में कोई निर्णय नहीं लेना चाहते.

हालांकि सूत्रों के अनुसार भूमि अधिग्रहण का काम दोबारा शुरू न होने के पीछे कुछ और कारण भी हैं.

पहला तो यह कि सरकार अभी यह तय नहीं कर पाई है कि गोबिंदपुर कि सीमा पर पहरा दे रहे लोगों को हटाने के लिए पुलिस बल का प्रयोग किया जाए या नहीं.

दूसरा कारण यह है कि जगतसिंह के ज़िलाधीश नारायण चन्द्र जेना अपने बेटे की शादी के लिए सोमवार तक छुट्टी पर हैं और उनकी गैरहाज़री में दूसरे अधिकारी पुलिस बल के प्रयोग के बारे में कोई निर्णय नहीं लेना चाहते.

ज़बर्दस्ती भूमि अधिग्रहण के आरोपों का खंडन करते हुए आरडीसी प्रदीप्त महापात्र ने बीबीसी से कहा कि सरकार यह बात कई महीनों पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि ढिंकिया पंचायत में कोई निजी ज़मीन अधिग्रहित नहीं की जाएगी.

उन्होंने कहा, "फिलहाल केवल लोगों का अवैध कब्ज़ा हटाया जा रहा है."

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