जारी रहेगा करों में कटौती का क़ानून

ओबामा

उम्मीद जताई जा रही है कि इससे लाखों अमरीकियों को फ़ायदा होगा

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर दिए हैं जो करों में कटौती संबंधी क़ानून को आगे भी जारी रखेगा.

ये क़ानून सबसे अमीर अमरीकी लोगों पर भी लागू रहेगा.

इसका मतलब यह है कि इससे लाखों लोगों के आयकर में बढ़ोत्तरी के आसार फिलहाल टल गए हैं.

इस क़ानून को ओबामा की पूर्ववर्ती बुश सरकार ने लागू किया था.

ओबामा के हस्ताक्षर के बाद इस मुद्दे पर महीनों से चल रही तीख़ी राजनीतिक बहस पर विराम लग गया है.

मतभेद

राष्ट्रपति ओबामा और उनकी डेमॉक्रेटिक पार्टी चाहती थी कि अमीर लोग ज़्यादा कर अदा करें जबकि रिपब्लिकन सदस्यों का कहना था कि ये क़ानून विकास के मार्ग को अवरुद्ध कर देगा.

आख़िरकार करों में कटौती की समय सीमा बढ़ा दी गई और ये सभी पर समान रूप से लागू रहेगी.

बदले में रिपब्लिकन सदस्यों ने बेरोज़गारों को मिलने वाले फ़ायदे की सीमा बढ़ाने के मसौदे का समर्थन किया है.

858 अरब डॉलर के इस पैकेज को अमरीका की प्रतिनिधि सभा ने 277 के मुक़ाबले 148 वोटों से मंज़ूरी दी.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ये समझौता आसान नहीं था लेकिन अब लगता है कि इसे ज़्यादातर अमरीकी पसंद करेंगे और साथ ही ओबामा की स्थिति भी और मज़बूत होगी.

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