
माना जा रहा है कि इस इन नई बंदूक से अमरीका को अफ़गानिस्तान में मदद मिलेगी.
अमरीका की XM-25 नामक बंदूक विशेषतौर पर तालिबान के ख़िलाफ़ जंग के लिए बनाई गई है. इसे 'स्मार्ट गन' कहा जा रहा है
तालेबान के विरूद्ध अमरीका की लड़ाई में इस XM-25 बंदूक को 'खेल बदल देनेवाला' कहा जा रहा है.
अमरीकी सेना ने इस नई बंदूक को अब दुनिया के सामने रखा है.
ये बंदूक एक 'लेज़र गाइडेंस सिस्टम' का इस्तेमाल करती है और इसे लक्ष्य पर जाकर विस्फोट करने के लिए पहले से 'प्रोग्राम' किया जाता है.
इसे डिज़ाइन करने वाले रिचर्ड ऑडेट का कहना है कि ये एक बड़ा क़दम है क्योंकि 'स्मार्ट' तकनीक इस्तेमाल करनेवाला ये पहला छोटा हथियार है.
'स्मार्ट गन'
फ़र्ज़ कीजीए कि आपने 543 मीटर का निशाना साधा. जब आप ट्रिगर दबाएँगे, तब आपकी गोली 543 मीटर, या उसके एक, दो या तीन मीटर पहले या बाद में जाकर लगेगी.
रिचर्ड ऑडेट
रिचर्ड ऑडेट ने कहा, "सैनिक लक्ष्य निर्धारित करने के बाद लेज़र से रेंज को भांपता है. उसके बाद लक्ष्य की दूरी को अपने अनुकूल तय करके उसपर निशाना साध कर गोली दागने के लिए ट्रिगर दबाता है. "
रिचर्ड ऑडेट का कहना है कि "फ़र्ज़ कीजिए कि आपने 543 मीटर का निशाना साधा. जब आप ट्रिगर दबाएँगे, तब आपकी गोली 543 मीटर, या उसके एक, दो या तीन मीटर पहले या बाद में जाकर लगेगी."
इसका मतलब ये हुआ कि इसका इस्तेमाल उन चरमपंथियों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है जो दीवोरों के पीछे या फिर गड्ढ़ों में छुपे हो सकते हैं. इसके लिए हवाई हमले की मदद की कोई ज़रूरत नहीं होगी.
अफ़गानिस्तान में तैनात अमरीकी सैनिकों को ये 'स्मार्ट गन' दे दी गई है और अब ये वहाँ काम कर रहे ब्रिटेन के सैनिकों को भी मुहैया करवाई जाएगी.
एक वक्तव्य में अमरीका के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि वो इस नई बंदूक पर कोई टिप्पणी नहीं करेगा लेकिन उसने कहा कि वह अफ़गानिस्तान में तैनात सैनिकों को हर संभव, सबसे बेहतर हथियार देने के प्रति कटिबद्ध है.














