
बांग्लादेश में मवेशियों का व्यापार करने वालों का कहना है कि आज मुसलमानों के पर्व ईद-उल अदहा यानी बक़रीद के दिन देश में रिकॉर्ड संख्या में मवेशियों को हलाल किया जाएगा.
उनका कहना है कि बुधवार को 50 लाख से ज़्यादा जानवरों को हलाल किया जाएगा.
जिन जानवरों की क़ुर्बानी दी जानी है उसमें बकरी, भेड़ और गाय शामिल हैं.
ख़ास बात ये है कि बांग्लादेश में हलाल किए जाने वाले क़रीब 40 प्रतिशत जानवर पड़ोसी देश भारत से जाते हैं. जहाँ बहुसंख्यक हिंदू जानवरों, ख़ासकर गाय को धार्मिक कारणों से पवित्र मानते हैं.
बांग्लादेश के मवेशी व्यापारियों का कहना है कि हलाल होने वाले जानवरों की संख्या पिछले साल की तुलना में 10 प्रतिशत ज़्यादा है.
इस्लाम में माना जाता है कि आज ही के दिन इब्राहिम ने अल्लाह के लिए अपने बेटे की क़ुर्बानी दे दी थी.
बक़रीद के दिन क़ुर्बान किए गए जानवरों की खाल बंग्लादेश के चमड़ा उद्योगों के काम आती है. इन मवेशियों की खाल को चमड़ा उद्योगों के लिए कच्चा माल का एक महत्त्वपूर्ण स्रोत माना जाता है.














