संयुक्त राष्ट्र ने अमरीका को घेरा

हैलिकॉप्टर से लिया गया दृश्य

दस्तावेज़ों के अनुसार सैन्य हैलिकॉप्टर के सामने समर्पण करने आए इराक़ी कैदियों को जानबूझकर गोली मार दी गई.

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार संगठन की प्रमुख ने अमरीका से इराक़ युद्ध से संबंधित उन सबूतों की जांच करने को कहा है जिनमें अमरीकी सेनाओं ने ये जानते हुए कि क़ैदियों को प्रताड़ित किया जाएगा, उन्हें इराक़ी सुरक्षा बलों को हस्तांतरित कर दिया था.

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार संगठन की प्रमुख नवी पिल्लई ने कहा है विकीलीक्स के दस्तावेज़ साफ तौर पर ये दिखाते हैं कि अमरीका के पास इस बात के सबूत थे कि इराक़ी सैनिक कैदियों के साथ क्रूर बर्ताव कर रहे हैं. इसके बावजूद उसने कैदियों को इराक़ी सैनिकों के हाथ सौंप दिया.

विकीलीक्स के दस्तावेज़ों में इराक़ की परिस्थितियों पर सैनिकों का लेखाजेखा दर्ज है.

विस्तृत जांच

मानवाधिकार हनन और युद्ध अपराधों पर संयुक्त राष्ट्र के सलाहाकार मैनफ्रैड नोवाक ने भी अमरीका पर लगाए गए इन आरोपों की विस्तृत जांच कराए जाने की बात कही है.

अमरीकी और इराक़ी अधिकारियों को इन आरोपों की जांच के लिए ज़रूरी कदम उठाने चाहिए और उन लोगों को कानून के दायरे में लाना चाहिए जिन्होंने गैर कानूनी रुप से लोगों की हत्याएं कीं. उनके साथ क्रूरता की और उनका मानवाधिकारों का हनन किया

नवी पिल्लई

नोवाक ने जांच के इस दायरे को बड़ा करते हुए कहा है कि अमरीका को न सिर्फ़ इराक़ में बल्कि मिस्त्र, मोरक्को और सीरिया जैसे देशों में भी कैदियों को स्थानीय अधिकारियों के हवाले करने की जांच करनी चाहिए.

विकीलीक्स के दस्तावेज़ों के अनुसार अमरीका ने जानते-बूझते हुए अपने इराक़ी सैनिकों की बर्बरता को अनदेखा किया.

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हालांकि 2004 से 2007 के बीच अमरीकी सेना की कमान संभालने वाले जेन जॉर्ज कैसे ने कगा है कि सभी अमरीकी सैनिकों को इस बात के निर्देश दिए गए थे कि वो दुर्व्यवहार को लेकर कैदियों की किसी भी तरह की शिकायत पर तुरंत काम करें.

गंभीर उल्लंघन

लेकिन संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार प्रमुख, अमरीका की इन दलीलों से संतुष्ट नहीं.

कै़दी

इराक़ी सैनिक के क्रूर बर्ताव को जानते हुए भी अमरीका ने कैदियों को उनके हाथ सौंप दिया.

नवी पिल्लई का कहना है कि विकीलीक्स के 4,00,000 से ज़्यादा दस्तावेज़ों ने उनकी इस आशंका को और मज़बूत किया है कि इराक़ में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों का गंभीर उल्लंघन हुआ है.

उन्होंने कहा, ''अमरीकी और इराक़ी अधिकारियों को इन आरोपों की जांच के लिए ज़रूरी कदम उठाने चाहिए और उन लोगों को कानून के दायरे में लाना चाहिए जिन्होंने गैर कानूनी रुप से लोगों की हत्याएं कीं. उनके साथ क्रूरता की और उनका मानवाधिकारों का हनन किया.''

मैनफ्रैड नोवाक का कहना है कि अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी पिछले नेताओं की तरह कैदियों के साक्षात्कार पर रोक लगा रखी थी.

दोबारा जांच नहीं

इस घटनाक्रम के बीच अमरीकी रक्षा विभाग पेंटागन का कहना है कि इराक़ युद्ध के दौरान क़ैदियों को प्रताड़ित करने के मामले की दोबारा जाँच करने की उसकी फ़िलहाल कोई योजना नहीं है.

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पेंटागन के एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया है कि अमरीकी सेना उन रिपोर्टों को इराक़ी अधिकारियों को सौंप चुकी है जिनमें इराक़ पुलिस और सैन्य अधिकारियों के क़ैदियों को प्रताड़ित करने की बात कही गई है.

उनका कहना है कि क़रीब चार लाख दस्तावेज़ों के लीक हो जाने से पेंटागन के दृष्टिकोण में बदलाव नहीं आ सकता.

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