अमरीका से पादरी पर कार्रवाई की अपील

पादरी टेरी जोन्स

टेरी जोन्स ने अपनी योजना पर क़ायम रहने की घोषणा की है

भारत सरकार ने अमरीका से अपील की है कि वह 11 सितंबर को क़ुरान जलाने की धमकी देने वाले पादरी के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करे.

केंद्रीय गृहमंत्री ने मंत्रिमंडल की बैठक में इस विषय पर हुई चर्चा के बाद कहा कि भारत सरकार इसकी कडी़ निंदा करती है और मानती है कि इसका उद्देश्य दो संप्रदायों के बीच कटुता पैदा करना है.

उल्लेखनीय है कि अमरीका के फ़्लोरिडा प्रांत में एक पादरी ने 11 सितंबर, 2010 को क़ुरान की प्रतियाँ जलाने की घोषणा की है. इसे लेकर पूरी दुनिया में विरोध हो रहा है.

हम मानते हैं कि यह किसी ऐसे व्यक्ति को शोभा नहीं देता जो अपने आपको धार्मिक कहता है. यह निश्चित तौर पर दो धार्मिक संगठनों के बीच कटुता और दरार बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है

पी चिदंबरम

पी चिदंबरम ने कहा, "इसकी अमरीकी प्रशासन ने निंदा की है, दुनिया भर के धार्मिक नेताओं ने निंदा की है और हम भी इसकी निंदा करते हैं."

उन्होंने कहा, "हम मानते हैं कि यह किसी ऐसे व्यक्ति को शोभा नहीं देता जो अपने आपको धार्मिक कहता है. यह निश्चित तौर पर दो धार्मिक संगठनों के बीच कटुता और दरार बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है."

उनका कहना था कि ऐसा कोई भी व्यक्ति जो समाज में विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्द्रता चाहता है इसका समर्थन नहीं करेगा.

चिदंबरम ने कहा, "हम आशा करते हैं अमरीकी प्रशासन इसके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करेगा ."

उन्होंने कहा कि जब तक अमरीका इस पर कार्रवाई नहीं करता, देश के प्रिंट और टेलीविज़न मीडिया से अपील है कि वह अगले दो दिनों में ऐसा कोई दृश्य प्रसारित या प्रकाशित न करे, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द्र को ख़तरा पैदा होता हो.

उन्होंने मीडिया से सांप्रदायिक सद्भावना क़ायम करने में सहयोग की अपील की है.

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