बाल पर्वतारोही ने एवरेस्ट फ़तह किया

जॉर्डन रोमेरो

जॉर्डन रोमेरो को एवरेस्ट पर विजय हासिल करने का पूरा विश्वास था

दुनिया की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट को सबसे कम उम्र में फतह करने का रिकॉर्ड बनाया है अमरीकी किशोर जॉर्डन रोमेरो ने.रोमेरो अमरीकी शहर कैलिफ़ोर्निया के हैं.

आठ हज़ार आठ सौ अड़तालीस मीटर ऊँची चोटी पर पहुँचने के बाद उन्होंने सैटेलाइट फ़ोन के ज़रिए अपनी माँ से संपर्क किया.

रोमेरो की मां ली एन ड्रेक ने अपने बेटे के हवाले से बताया कि कैसे ये ख़बर उन तक पहुंची. उनके बेटे ने उनसे कहा, "मां मैं दुनिया के सबसे ऊंचे स्थल से बोल रहा हूं."

जॉर्डन रोमेरो ने ये जीत 13 वर्ष की आयु में हासिल कर ली, लेकिन बहुत छोटी उम्र में ही पर्वतारोहण में उनकी प्रतिभा दिखने लगी थी.

रोमेरो जब मात्र 10 साल के थे तो उन्होंने अफ़्रीका की सबसे ऊँची किलिमंजारो की चोटी को फ़तह किया था.

उनका सपना है कि वो सातों महाद्वीपों के सर्वोच्च शिखरों पर विजय प्राप्त करें.

योजना

मैं कुछ बड़ा काम करना चाहता हूँ, इसीलिए मैंने ये चुनौती स्वीकार की है. ये मैं ख़ुद के लिए कर रहा हूँ. इस सब के पीछे जो मूल उद्देश्य है वो है अनुभव हासिल करना.

जॉर्डन रोमेरो, एवरेस्ट पर फ़तह हसिल करने वाले सबसे कम उम्र के पर्वतारोही

रोमेरो एशिया के अलावा सभी महाद्वीपों के शिखरों पर चढ़ाई कर चुके हैं. लेकिन अंटार्कटिक महाद्वीप के विन्सन मेसिफ़ शिखर की चढ़ाई करने की उनकी कोई योजना नहीं है.

एवरेस्ट की चढ़ाई शुरू करने से पहले दिए एक साक्षात्कार में रोमेरो ने कहा था, "मैं कुछ बड़ा काम करना चाहता हूँ, इसीलिए मैंने ये चुनौती स्वीकार की है. ये मैं ख़ुद के लिए कर रहा हूँ. इस सब के पीछे जो मूल उद्देश्य है वो है अनुभव हासिल करना."

इससे पहले एवरेस्ट पर पहुँचने वाले सबसे कम उम्र के पर्वतारोही का रिकॉर्ड नेपाल के शेरपा तेम्बा क्षेरी के नाम था. तेम्बा ने 16 वर्ष की उम्र में एवरेस्ट फ़तह किया था.

कई विशेषज्ञों का मानना है कि एवरेस्ट ही नहीं, बल्कि 8000 मीटर से ज़्यादा ऊँचाई वाली सारी चोटियों पर चढ़ाई के लिए न्यूनतम उम्र सीमा 16 वर्ष तय कर दी जानी चाहिए.

रोमेरो की टीम नेपाल की राजधानी काठमांडू से चीन की सीमा की तरफ़ के बेस कैंप के लिए रवाना हुई थी.

नेपाल में ये नियम है कि पर्वातरोहियों की आयुसीमा कम से कम 16 वर्ष होनी चाहिए. इसीलिए जॉर्डन रोमेरो ने चीन की तरफ़ से एवरेस्ट की चढ़ाई की, जहाँ चढ़ाई के लिए परमिट दिए जाते समय उम्र की सीमा का ध्यान नहीं रखा जाता है.

कई पर्वतारोहियों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की थी कि इतनी कम उम्र के बच्चे को दुनिया के सर्वोच्च शिखर की चढ़ाई करने देना कहां तक उचित है.

लोकिन रोमेरो के पिता ने कहा कि चीन की सीमा की तरफ़ से एवरेस्ट शिखर की चढ़ाई उतनी मुश्किल नहीं है. रोमेरो छह महाद्वीपों के सर्वोच्च पर्वत शिखरों की चढ़ाई कर चुके हैं.

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