नकली कौमार्य का बढ़ता चलन

कौमार्यता (फ़ाइल)

सामाज में व्याप्त धारणा को देखते हुए लड़कियों में कौमार्य को सर्जरी से पाने की मज़बूरी बनी हुई है..

अख़बार में जब कभी भी विवाह के लिए विज्ञापन पढ़ते हैं तो उसमें लंबी, गोरी, सुंदर और पढ़ी-लिखी लड़की की खोज की जाती है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसके अलावा भी पुरूष का कोई छिपा मापदंड होता है जिस पर लड़की खरी उतरना चाहती है.

अगर आप शादी करने जा रहे हैं तो आपको यह जान लेना बेहद ज़रूरी है कि अपनी होने वाली पत्नी में इन सबके अलावा और आपको और क्या चाहिए?

शायद लड़की का कौमार्य? यानि आपसे शादी से पहले उनका किसी से शारीरिक संबंध का न होना. अगर ऐसा है तो फिर सावधान हो जाइए.

भारत समेत कई देशों में लड़कियों में नकली कोमार्य हासिल करने का चलन बढ़ रहा है.

इन देशों में एक धारणा है कि सुहाग की पहली रात में शारीरिक संबंध बनाने से अगर पत्नी के गुप्तांग से खून नहीं निकलता है तो वह कौमार्य नहीं है, और इसका प्रभाव पति-पत्नी के संबंध पर पड़ता है जो लड़की के लिए काफ़ी दुखदायी होता है.

इस धारणा को झुठलाने के लिए लड़कियां शादी से पहले अपने कौमार्य को छोटी-मोटी सर्जरी करवा कर हासिल कर रही है.

अगर समाज इसे स्वीकार भी कर ले, फिर भी मैं वैसी लड़की से शादी नहीं करूगां.

नूर, कोमार्य के लिए सर्जरी मुद्दे पर

इस सर्जरी को ‘हायम्नोप्लास्टी’ कहते हैं और दो से तीन सीटिंग में सात दिनों के अंदर ये पूरा हो जाता है.

डॉक्टर ऐबेकासिस पेरिस में प्रैक्टिस करते हैं. उनका कहना है कि हायम्नोप्लास्टी करवाने के लिए औसतन 25 वर्ष की लड़किया ज़्यादा होती है और ये समाज के सभी वर्गों से आती हैं.

कुछ लड़कियां तो वर्जिनिटी सर्टीफिकेट यानि कौमार्य का प्रमाणपत्र लेने भी आती है.

अरब की रहने वाली सोनिया जो पेरिस में पढ़ाई कर रही है उनकी अब शादी होने वाली लेकिन वह इससे पहले इस सर्जरी को करवा लेना चाहती है.

नूर नामक एक व्यक्ति का कहना है, “अगर समाज इसे स्वीकार भी कर ले, फिर भी मैं वैसी लड़की से शादी नहीं करूंगा.”

कहने के लिए तो हम 21वीं सदी में जी रहें हैं लेकिन लड़की के वर्जिनिटी या कौमार्य के मुद्दे पर हमारी सोच संकीर्ण ज़रूर हो जाती है.

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