प्रसव के दौरान भी बेड़ियां नहीं खुलतीं

गर्भवती क़ैदियों से जुड़े इस क़ानून के ख़िलाफ़ आवाज़ें उठ रही हैं.

अमरीका के पेंसिलवेनिया राज्य में सालों से चले आ रहे उस क़ानून के ख़िलाफ़ मतदान होगा जिसके तहत आज भी वहां की जेलों में बंद गर्भवती महिला कैदियों को प्रसव के दौरान भी बेड़ियों में रहना पड़ता है.

महिला क़ैदियों को भागने से रोकने के लिए बेड़ियां लगाई जाती हैं और प्रसव के दौरान भी इसमें कोई छूट नहीं दी जाती.

छह राज्यों ने इसे क्रूर और अमानवीय करार करते हुए इस पर प्रतिबंध लगा दिया है.

अमरीकी जेलों में लगभग दो लाख महिला क़ैदी हैं और अनुमान है कि इनमें से तीन से चार प्रतिशत गर्भवती अवस्था में जेल में प्रवेश करती हैं.

फ़िलाडेल्फ़िया के एक जेल में बंद क़ैदी रोज़ मेरी को तो अस्पताल में हथियारबंद सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में बच्चे को जन्म देना पड़ा.

इस क़ानून के ख़िलाफ़ अभियान तेज़ हो रहे हैं. कई क़ैदी इस दलील के साथ अदालतों का दरवाज़ा खटखटा रहे हैं कि ये क़ानून उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन करता है.

संघीय जेलों में 2008 में इस क़ानून को ख़त्म कर दिया गया था लेकिन छह राज्यों के अलावा ये हर जगह अपनाया जाता है.

वैसे तो इस क़ानून का शायद ही कोई समर्थक नज़र आता है लेकिन अमरीका में क़ैदियों के अधिकारों को राजनीतिक एजेंडे पर बहुत ज़्यादा प्राथमिकता नहीं मिली है.

साल 1977 और 2007 के बीच महिला कैदियों की संख्या में आठ सौ प्रतिशत की वृद्धि हुई.

माना जाता है कि इस दौरान अहिंसक अपराधों के लिए भी कठोर सज़ा का प्रावधान इसकी मुख्य वजह है.

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