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पाक परमाणु तंत्र सुरक्षित: अमरीका

अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ईयन कैली

अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता से वॉशिंगटन पोस्ट में छपी चीन के पाकिस्तान को यूरेनियम देने की ख़बर के बारे में पूछा गया

अमरीका ने कहा है कि उसे पूरा भरोसा है कि पाकिस्तान में परमाणु हथियारों का नियंत्रण और निर्देश तंत्र पूरी तरह से सुरक्षित है. अमरीका ने ये भी कहा है कि उसे पाकिस्तान की ओर से परमाणु तकनीक के प्रसार के बारे में कोई विशेष चिंता नहीं है.

ग़ौरतलब है कि अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ईयन कैली की ओर से पाकिस्तान और परमाणु हथियारों के बारे में ये विचार उस समय व्यक्त किए गए हैं जब पाकिस्तानी सेना वज़ीरिस्तान में तालेबान लड़ाकों से जूझ रही है और हाल के दिनों में पाकिस्तानी शहरों पर चरमपंथी हमलों में ख़ासी वृद्धि हुई है.

अमरीकी विदेश विभाग की रोज़ाना ब्रीफ़िंग के दौरान प्रवक्ता ईयन कैली से अमरीकी अख़बार वॉशिंगटन पोस्ट में छपी एक ख़बर के बारे में टिप्पणी माँगी गई. इस ख़बर में आरोप लगाया गया था कि वर्ष 1982-83 के आसपास चीन में पाकिस्तान को यूरेनियम दिया था और अमरीका को इस बारे में जानकारी थी.

'पाक की ओर से चिंता नहीं'

हम सदा ही परमाणु हथियारों और सामग्री के प्रसार की संभावना के बारे में सचेत रहते हैं. हमें विश्वास है कि पाकिस्तान में परमाणु हथियारों का नियंत्रण और निर्देश तंत्र पूरी तरह से सुरक्षित है. हमें पाकिस्तान की ओर से परमाणु तकनीक के प्रसार के बारे में कोई विशेष चिंता नहीं है

अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता

विदेश विभाग के प्रवक्ता ईयन कैली का कहना था, "हम परमाणु सामग्री के सुरक्षित रखने को सर्वाधिक प्राथमिकता देते हैं. अमरीकी राष्ट्रपति नई और मज़बूत अप्रसार नीति के बारे में प्रतिबद्ध हैं. लेकिन जिस ख़बर की चर्चा हो रही है वो घटनाएँ 80 के दशक में घटी थी और उस विशेष घटना पर में कोई टिप्पणी नहीं कर रहा हूँ."

उनसे ये भी पूछा गया कि क्या पाकिस्तान के परमाणु हथियारों के प्रसार पर अमरीका चिंतित हैं?

इस पर अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता का कहना था, "हम सदा ही परमाणु हथियारों और सामग्री के प्रसार की संभावना के बारे में सचेत रहते हैं. हमें विश्वास है कि पाकिस्तान में परमाणु हथियारों का नियंत्रण और निर्देश तंत्र पूरी तरह से सुरक्षित है. हमें पाकिस्तान की ओर से परमाणु तकनीक के प्रसार के बारे में कोई विशेष चिंता नहीं है."

जब उनसे पूछा गया कि क्या ये मुद्दा चीन के साथ भी उठाया गया था, तो ईयन कैली का पहले कहना था कि 'हाँ,' फिर वे बोले - "मेरे पास ये जानकारी नहीं है. ये लगभग 30 साल पहले हुआ था इसलिए ये कहना मुश्किल है."

बीबीसी को जानिए

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